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जाॅब कार्ड बनाने के लिए मजदूर बीडीओ से सम्पर्क कर सकते हैं

मथुरा। कोरोना के चलते हुए लाॅकडाउन ने देश भर में प्रवासी मजदूरांे को बेरोजगार कर दिया है। बडी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांवों को लौटे हैं। मथुरा में ही यह आंकडा दस हजार से उपर है। गतिवधियां और आवागम सीमित होने के चलते शहर से गांव तक बडी संख्या में मजूदर बेरोजगार हुआ है। गांव में खेतिहर मजदूरों के पास अब भी काम है। शहर में स्थिति ज्यादा खराब है। दूसरी ओर दूसरे राज्यों से आये प्रवासी जमदूरों के सामने स्थिति जटिल है। पैसा खत्म हो चुका है। रोजगार का जुगाड नहीं है। हालांकि जिला प्रशासन लाख दावे कर रहा है कि प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाया जा रहा है लेकिन इन दावों में हकीकत ज्यादा नहीं है।


जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कैम्प कार्यालय पर जल संरक्षण की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जनपद के सभी मजदूर एवं बाहर से आये मजदूरों को मजूदरी का कार्य तेजी से दिया जाये। उन्होंने कहा कि मजदूरों से तालाब भरने के लिए गूलें तथा तालाबों की खुदाई एवं वृक्षारोपण के लिए गढ्ढों की खुदाई कार्य कराया जाये। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सभी श्रमिकों को कार्य दिया जाना है, इसलिए ज्यादा-ज्यादा संख्या में मजूदरों को कार्य दिया जाये।


श्री मिश्र को मुख्य विकास अधिकारी नितिन गौड़ ने बताया कि मनरेगा के अन्तर्गत 42 हजार श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है, साथ ही जो मजदूर कार्य करने के इच्छुक हों, उनके जाॅब कार्ड खण्ड विकास अधिकारी द्वारा बनाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 441 ग्राम पंचायतों में गूल एवं वृक्षारोपण की तैयारियों का कार्य चल रहा है, साथ जल संरक्षण हेतु 248 ग्रामों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।


जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी नौहझील को निर्देश दिये कि नौहझील को पुनः पानी से भरकर उसको पुराने स्वरूप में लाया जाये। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी द्वारा स्थान पर जाकर निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि जल स्तर को ऊंचा उठाने एवं खारे पानी को मीठा बनाने के लिए हमें खेतों का पानी खेतों में रोकना होगा। तालाब, झील आदि अन्य उपायों के माध्यम से जल को एकत्रित करना होगा।


श्री मिश्र ने पेयजल पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिये कि जल संस्थान एवं संबंधित विभाग सभी टीटीएसपी टंकियों को ठीक रखें तथा खराब हैण्डपम्पों को तुरन्त ठीक कराया जाये एवं समूह पेयजल योजना पर विशेष ध्यान दिया जाये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नितिन गौड़, जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी, पीडी बलराम सिंह, ज्वांइट मजिस्टेªट दीक्षा जैन, डीएसटीओ अजया चैधरी सहित सिंचाई एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे.

नारद संवाद

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