देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। दावे हजार हैं, हकीकत जुदा है। मरीजों को इलाज और सुविधाएं मिलने की कई बातें हो रही हैं। हैल्प डस्क काम कर रही है। बावजूद इसके जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे कोविड मरीज घंटों उपचार की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।
कुछ तो इस इंतजार के दौरान दम भी तोड़ रहे हैं। मंगलवार को मथुरा के जिला अस्पताल पर भी ऐसा ही नजारा देखने मिला। यहां एक महिला अस्पताल के बाहर घंटों इलाज के लिए तड़पती रही। मंगलवार को एक महिला को उसके परिजन उपचार के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल लेकर आए लेकिन उनके मरीज को उपचार नहीं मिल पाया।
उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया है कि लगभग 3 घंटे से मरीज इमरजेंसी गेट पर तड़प रहा है लेकिन उसको भर्ती नहीं किया जा रहा और उसका उपचार भी नहीं कर रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को उसी बीमार महिला पर रहम नहीं आया। मीडिया कर्मियों ने जब जिंदगी और मौत के बीच झूल रही महिला को उपचार देने के लिए कहा गया तो डॉक्टरों ने उसे भर्ती किया और उपचार शुरु किया।













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