देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोविड-19 के चलते करीब छह महीने के अंतराल के बाद एक बार फिर विद्युत विभाग ने वसूली अभियान शुरू किया है। आला अधिकारियों का कहना है कि वह पहले लोगों को बिल जमा करने के लिए कहेंगे ऐसा नहीं होने पर कार्रवाही की जाएगी। जबकि विद्युत विभाग की टीमें सीधे कनेक्शन काटने पहुंच रही है।
बकाए पर कनेक्शन काटने गई बिजली टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और गाली गलौज की। इससे अफरा-तफरी मची रही। स्थिति को देख टीम लौट आई। बकाएदारों ने बकाया राशि जमा करने को समय मांगा है। इधर एसडीओ बरसाना ने एसडीएम एवं सीओ को पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने को पत्र लिखा है।शासन के निर्देश पर हाईलाइन लॉस फीडर क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को एसडीओ संजय कुमार के नर्दिेशन में नोडल अधिकारी जेई संजय कुमार के साथ टीम सहार गांव पहुंची। यहां जैसे ही टीम ने बकाएदारों की बिजली काटने की प्रक्रिया शुरू की। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और टीम को घेर लिया। गाली गलौज देते हुए धमकी दी। स्थिति बिगड़ने लगी तो टीम ने पुलिस को बुला लिया। इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने। बाद में चैकी प्रभारी पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
15 सितम्बर को बिजली विभाग को सूचना मिली कि रामपुर गांव में कुछ ग्रामीण बिजली चोरी कर रहे हैं। जानकारी एसडीओ औरंगाबाद सचिन द्विवेदी को दी गई तो उन्होंने जेई भगवान सिंह को टीम सहित भेजा। चेकिंग के दौरान पूर्व प्रधान एवं छह अन्य लोग बिजली चोरी करते मिले। टीम ने इनकी वीडियोग्राफी की। चेकिंग का विरोध ग्रामीणों ने किया तो पुलिस को बुलाना पड़ा। एसडीओ द्विवेदी ने बताया कि बिजली चोरी के प्रकरण में सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इसमें एक पूर्व प्रधान भी शामिल है।
हम पहले गांधीगीरी कर रहे हैं, लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह बिल जमा कराएं। मौके पर ही बिल सही भी किये जा रहे हैं। सघंन वसूली अभियान के लिए कुल 357 गांव चुने गये हैं, जिनमें 100 से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने एक साल से भुगतान नही किया है। इसके अलावा उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी काटे जाएंगे जिनके उपर 10 हजार से ज्यादा का बकाया है। देहात क्षेत्र में 2 लाख 16 हजार उपभोक्ता हैं जिनमें से 1 लाख 6 हजार ने भुगतान नहीं किया है। कुल मिला कर पूरे जनपद में 395 करोड बिजली बकाया है जिनमें शहरी और ग्रामीण सभी तरह के उपभोक्ता सामिह हैं। सरकारी विभागों पर करीब 88 करोड की देनदारी बकाया चल रही है। विनोद गंगवार, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण













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