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रेलवे क्रासिंग को बंद किये जाने के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीण

मथुरा। मथुरा कासगंज रेलवे लाइन की चैकी नम्बर 350 को बंद किये जाने के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा आंदोलन शुक्रवार को धरने में बदल गया। रेवले की ओर से मथुरा से राया के बीच जगह जगह सीमेंटिड बाउण्ड्रीवाल खडी की जा रही है। इस प्रक्रिया में कई स्थानों पर रेलवे लाइन को क्रास कर जाने वाले रास्ते बंद हो गये हैं। गौसना टीले के सामने चैकी नम्बर 350 को भी बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों के खेत दूसरी ओर है। इसके अलावा रेलवे लाइन की दोनों ओर स्थित कई दर्जन गांवों का आवागमन भी इस क्रासिंग को कई साल पहले ही बंद कर दिया गया था। अभी तक वाहन नहीं जा सकते थे लेकिन पैदाल आवागमन था। अब बाउण्ड्रीवाल लगा कर पूरी तरह से इसे बंद कर दिया गया है। अब गौसना सहित कई दर्जन गांवों के ग्रामीणों के लिए दिवानाकला फटक से होकर आना ही एकमात्र विकल्प है। गोसना निवासी रामकिशन ने बताया कि चैकी के बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी होगी। दीवाना कला चैकी के आसपास घनी बसावट हो गई है और पूरा एक कस्बा सा बन गया है। उनके ट्रैक्टर ट्राली को आने में भी परेशानी होगी। इसे लेकर ग्रामीणों ने तीन फरवरी को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से रेलवे मंत्रालय भारत सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। शुक्रवार ग्रामीण चैकी को बंद किये जाने के विरोध में ग्रामीण रेलवे लाइन के पास अनिशिचतकालीन धरने पर बैठ गये। इस दौरान रामकिशन पंडित, तोरन, इंद्रपाल, पंकज, बबलू, महादेव, भंडारी, चंदर, अशोक ठाकरे, रामकुमार, राजू आदि मौजूद रहे।

 

नारद संवाद

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