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UP: कानपुर में 100 करोड़ रुपये के पुराने नोट जब्त, NIA के हत्थे चढ़े 8 सौदागर

UP: कानपुर में 100 करोड़ रुपये के पुराने नोट जब्त, NIA के हत्थे चढ़े 8 सौदागरनई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुराने नोटों का जखीरा पकड़ा गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और उत्तर प्रदेश पुलिस की ज्वाइंट रेड में कानपुर में 100 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोटों को जब्त कर लिया गया है। एनआईए और यूपी पुलिस ने कानपुर के एक होटल समेत 3 जगहों से पुराने नोटों के साथ आठ सौदागरों को भी गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, कानपुर पुलिस को एक बंद घर में बड़ी मात्रा में पुराने नोटों के होने के बारे में पता चला। इन नोटों को बदलवाने की बात करने वालों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 

 

अनुमान के मुताबिक जब्त की गई रकम करीब 100 करोड़ रुपये तक की हो सकती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों और आयकर विभाग (इनकम डैक्स डिपार्टमेंट) की टीम जल्द ही जब्त की गयी राशि की सटीक जानकारी देगी। पुलिस ने गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों के नाम बताने से इंकार कर दिया है। 

 

यूं हुआ बड़ा खुलासा

 

गौरतलब है कि पिछले दिनों मेरठ के एक बिल्डर संजीव मित्तल के पास से पुलिस ने 25 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। इसके बाद एनआईए को जानकारी मिली थी कि यूपी में कानपुर समेत कई जिलों में मनीचेंजर गैंग सक्रिय है। सटीक सूचना पर एनआईए के अफसरों ने आईजी अलोक सिंह और एसएसपी अखिलेश कुमार से संपर्क किया। इसके बाद कानपुर पुलिस के अधिकारियों ने एनआईए की टीम के साथ मिलकर छापेमारी को अंजाम दिया। 

 

मंगलवार सुबह पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने सीसामऊ इलाके के एक होटल में छापा मारकर तीन लोगों को दबोचा। इनकी निशानदेही पर पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अफसर ने बताया कि इनके पास से करीब 100 करोड़ रुपए पुराने नोट बरामद हुए हैं।

 

आपको बता दें कि साल 2016 के नवंबर महीने में आठ तारीख को पीएम मोदी ने एतिहासिक नोटबंदी का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद आठ नवंबर के पहले चलन में रहे 1000 और 500 के नोटों को बंद कर दिए गया था। इनके बदले 2000 और 500 के नए नोट लाए गए।

 

सरकार ने वादा किया था कि इस कदम से कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद और कश्मीर में होने वाली पत्थरबाज़ी जैसी घटनाओं की कमर टूट जाएगी। हालांकि बाद में सरकार ने इसे कैशलेस इकॉनमी से जोड़ दिया और बताया कि कैश का प्रयोग कम होने से डिजिटल इंडिया को तो फायदा मिलेगा ही, साथ ही काले धन पर भी लगाम लगेगी। 

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

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