देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreइस समय जब अधिकांश बच्चे ऑनलाइन शिक्षा में लगे हुए हैं, ऐसे में केरल में कुछ दिव्यांग छात्रों ने 'वेजिटेबल चैलेंज' के माध्यम से आय का एक स्रोत ढूंढ निकाला है। जी हां, इन छात्रों द्वारा एक ऐसी मुहिम शुरू की गई है, जो कोरोना काल में आय का सही साधन साबित हुई है।
चथन्नुर में लाइफ स्किल्स बीबीईटी सेंटर के छात्रों की पहल
दरअसल, कोल्लम के चथन्नुर में स्थित लाइफ स्किल्स बीबीईटी सेंटर के दिव्यांग छात्र इन दिनों ग्रो वेक्स में सब्जी के पौधे लगाने का काम कर रहे हैं और बाद में उन्हें बेचते हैं। सुनने में यह कार्य भले ही बड़ा ही साधारण लगता हो, लेकिन याद रखिए यह जून का महीना है और ऐसे में केरल के सबसे बड़े त्योहार "ओणम" में अब केवल तीन महीने शेष बचे हैं। ऐसे में इन दिव्यांग बच्चों की यह मेहनत इस समय कितनी रंग ला रही है, इस बात से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं।
'ओणम' पर्व के लिए घरों में सब्जी उद्यान बनाने में मिलेगी मदद
बताना चाहेंगे, इन दिव्यांग बच्चों की पहल 'वेजिटेबल चैलेंज' का उद्देश्य "ओणम" पर्व को ध्यान में रखते हुए घरों में एक सब्जी उद्यान बनाने में सहायता प्रदान करना है, जिसकी कल्पना चथन्नुर कृषि भवन द्वारा की गई थी।
घरों में टॉक्सिंग फ्री सब्जियों को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने आगे आकर इस उद्यम को सहायता दी है। 'वेजिटेबल चैलेंज' की पहल से जहां एक तरफ दिव्यांग बच्चों के परिवारों को आय मिलेगी, वही घरों में टॉक्सिंग फ्री सब्जियों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
बेरोजगारों को भी राह दिखाने में मिलेगी मदद
सिर्फ इतना ही नहीं, दिव्यांग बच्चों की इस खास पहल ने कोरोना काल में कमाई के लिए अन्य कई बेरोजगारों को भी राह दिखाने में मदद की है। ऐसे में समाज के लोगों को इनसे जरूर सीख लेनी चाहिए कि कैसे छोटे-छोटे कार्यकलापों को करके जनकल्याण के बड़े उद्देश्यों की पूर्ति की जा सकती है।













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