BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

घर में जरूर लगाए ये तीन पौधे, त्वचा और पेट संबंधी रोगों से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली । घर और आस-पास के क्षेत्र को खूबसूरत बनाने के लिए हम अक्सर फूल वाले पौधे लगाते हैं। कुछ पौधे घर की सुंदरता को बढ़ाने का काम करते हैं, जबकि कुछ पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। आज हम आपको ऐसे तीन पौधों की जानकारी देंगे, जिनके पत्ते सेहत के लिए खजाना हैं और जिन्हें घर में लगाना भी आसान है। इस लिस्ट में मदार का पौधा, नीम का पौधा, और बेहया का पौधा शामिल है। नीम के पौधे को आंगन में लगा सकते हैं, या फिर उसके पत्तों को घर में स्टोर करके भी रख सकते हैं। मदार, नीम, और बेहया तीनों का जिक्र आयुर्वेद में किया गया है, और उनका उपयोग शरीर के कई रोगों से लड़ने में किया जाता है। पहले बात करते हैं नीम के पौधे या उसके पत्तों की। नीम का पौधा ऐसा पौधा है जिसकी टहनी, फल, छाल, और पत्ते सभी गुणों से भरपूर होते हैं, लेकिन आज हम सिर्फ पत्तों के बारे में बात करेंगे। नीम के पत्तों के सेवन से पेट में पनप रहे खराब बैक्टीरिया का नाश होता है और रक्त शुद्ध भी होता है। नीम के पत्तों का लेप या पानी में डालकर स्नान करने के भी बहुत सारे फायदे हैं। त्वचा से संबंधित रोगों में पत्तों का लेप लाभकारी साबित होता है।
दूसरे नंबर पर है मदार का पौधा। मदार के पौधे को घर में लगा सकते हैं, लेकिन यह आमतौर पर आसानी से आस-पास उपलब्ध होता है। मदार के पत्ते गुणों से भरपूर होते हैं और सूजन से लेकर दर्द तक को कम करने का काम करते हैं। अगर जोड़ों में दर्द की समस्या है, तो मदार के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर हल्का सेंक लें और प्रभावित जगह पर लगाएं। पत्ते में दर्द को सोखने की क्षमता दवा से अधिक होती है।
तीसरा और आखिरी पौधा है बेहया का पौधा। बेहया एक बारहमासी पौधा है, जिसे आराम से छत पर गमले में लगाया जा सकता है। इसके फूल से लेकर पत्ते तक गुणकारी होते हैं। बेहया के पत्ते का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द, सूजन, और चर्म रोगों में प्रमुखता से किया जाता है। दाद और खुजली में बेहया के पत्ते का लेप प्रभावी तरीके से काम करता है, हालांकि इसके सेवन से बचना चाहिए।

 


साभार-khaskhabar.com

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More