देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मथुरा में अभी हालात काबू हैं। इस लिए लाकडाउन में भी सब ढर्रे पर चल रहा है। पडोसी जनपद आगरा और फिरोजाबाद जैसे हालात विस्फोटक होंगे तो जिला प्रशासन यहां भी कुछ जरूरी कदम उठाएगा।
इन जनपदों में भी जो कदम अब उठाये जा रहे हैं यह बहुत पहले उठाये जा सकते थे। कम से कम लाकडाउन लागू होने के साथ ही, यह कहना है जनसहयोग समूह के संयोजक अजय अग्रवाल का, उन्होंने कहाकि जिला प्रशासन तक सुझाव पहुंचाने का कोई जरिया भी बनाया जाना चाहिए था, जिससे जनपदवासी अपने सुझाव साझा कर सकते संभाव है इनमें से कुछ सुझाव कारगर भी साबित हो सकते थे।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर का कहना है कि लाकडाउन से किसानों को जो हानि हो सकती थी वह हो रही है, गावों में दूध का कोई मोल नहीं रह गया है जबकि दूधिया शहर में अब भी उसी दर पर या उससे भी उंची दर पर दूध बेच रहे हैं जिस पर वह लाकडाउन या कोरोना के कहर से पहले बेच रहे थे। उन्होंने कहाकि मसला कीमत का नहीं मसला इस माध्यम से गांव और शहर के बीच बनने वाली कनेक्टिवटी का है। एक दूधियां गांव के 50 से 100 घरों के संपर्क में रहता है तो वह शहर में भी कम से कम इतने ही घरों के संपर्क में रह सकता है। आसपास के जनपदों से आ रहीं सूचनाएं हमें डरा रही हैं। आगरा में 27 वर्षीय दूधिया की तबीयत बिगड़ने पर वो खुद एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए गया था। वहां सैंपल लिया गया और उसे भर्ती कर लिया गया। रविवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
आगरा में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सब्जी विक्रेता के बाद अब एत्माद्दौला क्षेत्र के सुशील नगर निवासी दूधिया कोरोना संक्रमित मिला है। वो घर के आसपास के अलावा मंटोला में दूध बेचता था। आगरा के जिलाधिकारी ने
आगरा से अभी भी जारी है लोगों का अप डाउन
इससे पहले भरतपुर के जिलाधिकारी वहां के एसएसपी को यह निर्देश जारी कर चुके हैं कि आगरा से लगी सीमा पर इतनी सख्ती करो कि एक भी शख्स न आने पाए। उन्होंने इसकी वजह आगरा में संक्रमण ज्यादा होना बताई थी। मथुरा में जिला चिकित्सालय की एक नर्स ने पूरे जनपद को ही खतरे की जद में ला दिया था। नर्स लगातार दो अन्य चिकित्सकों और एक अन्य व्यक्ति के साथ अपडाउन कर रही थी, यह तब था जब देश भर में लाकडाउन था। नर्स का पति कोरोना पाॅजिटिव निकला तो हडकंप मच गया। हालांकि नर्स की रिपोट नेगेटिव आई। अभी भी सरकारी कर्मचारी आगरा से मथुरा के बीच अपडाउन कर रहे हैं।
सब्जी वालों के लिए भी कोई नियम नहीं
गली गली सब्जी बेचने वालों की जांच के लिए कोई नियम तय नहीं किये गये हैं। एक फेरीवाला
दर्जनों से लेकर सैकडों घरों के संपर्क में आता है। आगरा में गली गली सब्जी बेचने वाला जब कोरोना पाॅजिटिव निकला तो हडकंप मच गया। मथुरा में अभी भी इस ओर ध्यान दिया जा सकता है। अभी तक जिला प्रशासन तमाम उन गलतियों को दोहरा रहा है जिनके चलते पडोसी जनपदों में हाहाकार मचा हुआ है।













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