देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। देश के विभिन्न शहरों से अपने देश नेपाल लौट रहे लोगों ने जनता कर्फ्यू की सुबह कान्हा की नगरी में प्रशासनिक मशीनरी के हाथपैर पुला दिये। देश के विभिन्न शहरों में रह रहे नेपाली नागरिक अपने देश नेपाल लौट रहे हैं। गौरीफंटा, सोलोनी और गोरखपुर जाने के लिए ये लोग मथुरा पहुंचे। ट्रन और बसों के बंद हो जाने से ये लोग यहां फंस गये। रेलवे स्टेशन पर भीडभाड होने पर इन्हें रेलवे अधिकारियों ने पुराने बस स्टैण्ड पर भेज दिया। पुराने बस स्टैण्ड पर भीडभाड बढ गई।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का असर बढ़ने के कारण मुंबई समेत कई शहरों में नौकरी करने वाले करीब एक हजार नेपाली युवक, महिलाएं और बच्चे रविवार की सुबह दो ट्रेनों से मथुरा पहुंचे। यहां से गौरीफंटा, सोलोनी और गोरखपुर की बसों से इन्हें नेपाल बॉर्डर तक जाना था, लेकिन बसें न चलने के कारण ये लोग यहां फंस गए।
बस स्टैंड पर मुंबई से आए नेपाली लोगों की भीड़ की सूचना पर नगर निगम की टीम पहुंच गई और बस स्टैंड को सैनिटाइज किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी का थर्मल स्क्रीनिंग की गई लेकिन कोई बीमार नहीं मिला। दुकानें बंद होने के कारण खाना-पीना भी नहीं मिल सका।
मथुरा पहुंचे नेपाली लोगों में कोई मरीज नहीं मिला है। सभी को यहां से रवाना करने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। अहतियात के लिए सभी कदम उठाये जा रहे हैं। सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी मथुरा
दोपहर एक बजे तीन बसों से नेपाली लोग गौरीफंटा के लिए रवाना किए गए हैं। देर शाम तक गौरीफंटा के लिए आठ और बसें भेजकर सभी लोग भेज दिए जाएंगे। विनोद शुक्ला, एआरएम रोडवेज













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