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Mann Ki Baat: पीएम ने साल 2022 के अद्भुत सफर को किया याद, कोरोना से सतर्क रहने की दी सलाह

पूरी दुनिया 2023 के वेलकम के लिए तैयार है, उससे पहले आज पीएम मोदी ने साल 2022 का आखिरी  ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 96वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि अतीत का अवलोकन तो हमेशा हमें वर्तमान और भविष्य की तैयारियों की प्रेरणा देता है। 2022 वाकई कई मायनों में बहुत ही प्रेरक रहा, अद्भुत रहा। इस दौरान पीएम ने लोगों को कोरोना से सतर्क रहने की भी सलाह दी।

 

2022 भारत के लिए रहा अद्भुत

इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75 साल पूरे किए और इसी साल अमृतकाल शुरू हुआ। भारत ने तेजी से प्रगति की और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। भारत द्वारा 220 करोड़ वैक्सीन का अविश्वसनीय आंकड़ा पार करने का रिकॉर्ड, भारत द्वारा निर्यात का 400 बिलियन डॉलर, जन-जन द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को अपनाना, भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत का स्वागत, स्पेस, ड्रोन और डिफेंस सेक्टर में भारत का परचम,  खेल के मैदान में भी, चाहे, कॉमनवेल्थ गेम्स हो, या हमारी महिला हॉकी टीम की जीत, हमारे युवाओं ने जबरदस्त सामर्थ्य दिखाया। पीएम ने कहा कि इन सबके साथ ही साल 2022 एक और कारण से हमेशा याद किया जाएगा। ये है, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का विस्तार। देश के लोगों ने एकता और एकजुटता को सेलिब्रेट करने के लिए भी कई अद्भुत आयोजन किए। गुजरात के माधवपुर मेला हो, जहां, रुक्मिणी विवाह, और, भगवान कृष्ण के पूर्वोत्तर से संबंधों को सेलिब्रेट किया जाता है या फिर काशी-तमिल संगमम् हो, इन पर्वों में भी एकता के कई रंग दिखे।

 

जब पूरा देश तिरंगामय हो गया

 2022 में देशवासियों ने एक और अमर इतिहास लिखा है। अगस्त के महीने में चला ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भला कौन भूल सकता है। वो पल थे हर देशवासी के रौंगटे खड़े हो जाते थे। आजादी के 75 वर्ष के इस अभियान में पूरा देश तिरंगामय हो गया। 6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने तो तिरंगे के साथ Selfie भी भेजीं। आजादी का ये अमृत महोत्सव अभी अगले साल भी ऐसे ही चलेगा – अमृतकाल की नींव को और मजबूत करेगा| इस साल भारत को G-20 समूह की अध्यक्षता की जिम्मेदारी भी मिली है। 

 

देश से कालाजार रोग होगा खत्म 

 पीएम मोदी ने देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व हुए सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों का सामना किया है। हमने भारत से चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों का सफाया किया। अब कालाजार रोग भी खत्म हो जाएगा। कुछ समय पहले तक, कालाजार का प्रकोप, 4 राज्यों के 50 से अधिक जिलों में फैला हुआ था। लेकिन अब ये बीमारी, बिहार और झारखंड के 4 जिलों तक ही सिमटकर रह गई है। पीएम ने कहा कि भारत को 2025 तक टी.बी. मुक्त करने के लिए भी काम कर रहे हैं। बीते दिनों, जब, टी.बी. मुक्त भारत अभियान शुरू हुआ, तो हजारों लोग, टी.बी. मरीजों की मदद के लिए आगे आए। ये लोग निक्षय मित्र बनकर, टी.बी. के मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं।

 

कैंसर मरीज के लिए योग कारगर

इसके अलावा पीएम ने योग को लेकर कहा कि टाटा मेमोरियल की रिसर्च सामने आई है, जिससे पता चलता है कि ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों के लिए योग बहुत कारगर है। रिसर्च के मुताबिक, योग के नियमित अभ्यास से, ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की बीमारी के, फिर से उभरने और मृत्यु के खतरे में, 15 प्रतिशत तक की कमी आई है।

 

नमामि गंगे की दुनियाभर में सराहना 

‘नमामि गंगे’ के बारे में पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारी परंपरा और संस्कृति का मां गंगा से अटूट नाता है। ऐसे में सदियों से कल-कल बहती मां गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ, आठ साल पहले, हमने, ‘नमामि गंगे अभियान’ की शुरुआत की थी।” हम सभी के लिए यह गौरव की बात है, कि, भारत की इस पहल को, आज, दुनियाभर की सराहना मिल रही है। संयुक्त राष्ट्र ने ‘नमामि गंगे’ मिशन को इकोसिस्टम को रिस्टोर करने वाले दुनिया के टॉप 10 इनिशिएटिव्स में शामिल किया है। ये और भी खुशी की बात है कि पूरे विश्व के 160 ऐसे इनिशिएटिव्स में ‘नमामि गंगे’ को यह सम्मान मिला है।’ पीएम ने कहा कि इस अभियान से बायोडायवर्सिटी में भी काफी सुधार देखा जा रहा है। हिल्सा मछली, गंगा डॉल्फिन और कछुवों की विभिन्न प्रजातियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। गंगा का इकोसिस्टम क्लीन होने से, आजीविका के अन्य अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने ‘जलज आजीविका मॉडल’ की चर्चा करते हुए कहा कि जो कि बायोडायवर्सिटी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस Tourism-based Boat Safaris को 26 लोकेशन पर लॉन्च किया गया है।

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