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गांवों में जलभराव तो नहीं है बीमारी की असल जड

मथुरा। मथुरा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार (डेंगू, मलेरिया) को लेकर कोहराम मचा है। मुख्यमंत्री तक इस समस्या पर संज्ञान ले चुके हैं। जिला प्रशासन लगातार अपनी ओर से यह प्रयास कर रहा है कि किसी तरह इस बीमारी को थामा जा सके। स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया गया है।

दवा छिडकवाने और साफ सफाई की व्यवस्था भी की जा रही है। इस फौरी तौर पर बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रांे की वह स्थाई समस्याएं जिन्हें खुद सरकारी सिस्टम ने पैदा किया है या सरकारी सिस्टम में बैठे लोगों की लापरवाही से अब लाइलाज हो चली हैं उन समस्याओं के समाधान की बात अभी भी कोई करने को तैयार नहीं है। गावों का जल निकाली सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।

जनपद का शायद ही कोई गांव होगा जहां जलभराव की समस्या न रहती हो। बरसात के दिनों में पैदा होने वाली यह समस्या अब वर्ष भर बनी रहती है। इसके लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के तहत बिछाया गया सडकों का जाल भी काफी हद तक जिम्मेदार है। इन सडकों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के जल निकासी सिस्टम की बलि चढा दी गई। अब इस का समाधान अधिकारियों के पास भी नहीं है।


बरसात के इस सीजन में लगातार ग्रामीण क्षेत्रों से जल भराव की खबरें आती रहीं। तहसील महावन के कारब गांव में ग्रामीणों के घरों में बारिश का पानी भर गया। पानी भरने के कारण लोगों के खाने-पीने का सामान पूरी तरह से खराब हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बने नालों की सफाई समय पर नहीं होती है। जिसके कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। महावन तहसील के गांव पचावर में गांव की गलियों में पानी लबालब है। नगला लोका, पचावर से लेकर उन गांवों में भी हालात बदतर हैं जहां ग्रामीण वर्ष के अधिकांष महीनों में पेयजल के लिए संघर्ष करते हैं।


गांवों में कराये गये विकास कार्याे की पोल मानसून की बरसात ने खोल कर रख दी। लाखों रुपये अवमुक्त होने के बाद भी गांवों का समुचित विकास नहीं हुआ। जल निकासी के लिए नाला निर्माण न होने के चलते गांवों के रास्तों में लबालब पानी भर गया जिससे लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है.गोवर्धन विकास खंड क्षेत्र के गांव अडींग में जल निकासी के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया गया।

जिसकी वजह से दो दिन हुई झमाझम बरसात के चलते पूरा पानी आम रास्तों में भर गया और लोगों के लिए दिक्कत बन गई है। पानी का निकास न होने के कारण यह पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है ऐसे में लोग दहशत में आ गये कि कहीं उन के मकान न जमीदोज हो जाएं. ऐसे पानी भरे कीचड़ युक्त रास्तों में लोगों को निकलने में भी परेशानियां हो रही है.वही पीतम सिंह, लक्छ्मण सिंह, हरवीर सिंह देवेंद्र आदि ग्रमीणों  का कहना है कि जल निकासी के लिए कई बार ग्राम प्रधान, एसडीएम, डीएम से मांग की गई थी लेकिन अब तक नाला निर्माण नहीं कराया गया और न ही साफ सफाई हुई.रास्तों में भरे पानी के चलते फिसलकर लोग गिर रहे हैं.वही बीमारी फैलने की आशंका है. लेकिन शासन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है.

नारद संवाद

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