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मथुरा : जो सभी को खुशी दे वही कृष्णः आचार्य मृदुल कृष्ण

मथुरा। गोवर्धन गिरिवर निकुंज में 108 श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में लड्डुओं की होली से भक्त सराबोर नजर आये। श्रीकृष्ण की बचपन की लीलाओं के बीच होली उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भागवताचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि इस संसार में मानव जाति आनंद की तलाश भौतिक पदार्थो में ढूंढती है जो क्षणिक और नश्वर है। मनुष्य को आनंद की कामना करनी चाहिए, लेकिन उस आनंद की जिसे एक बार प्राप्त करने के बाद किसी और चीज की कामना न रहे। आनंद का अभिप्राय भी यही है। गोस्वामी जी ने कहा कि भगवान ने अपनी लीलाओं के द्वारा अपने अनन्य भक्तों की कामना पूर्ण की है। मानव जीवन का असली सौंदर्य व आभूषण मानवता है, जबकि परोपकार की भावना ही मोक्ष की ओर प्रथम कदम है। उन्होंने कहा कि उदार हृदय में ही सेवा की भावना होती है, ऐसी परोपकारी मानसिकता का पोषण स्वयं प्रभु करते हैं। गोवर्धन गिरवर निकुंज में भागवत कथा में  रुक्मणी विवाह कराते हुए भक्त गण रुक्मणी के ब्याह में झूमते हुये नजर आए
जो दूसरों को आनंद दे वहीं नंद व यशोदा भजन और मंत्रों के बीच गिरवर निकुंज में  रुक्मणी विवाह बड़े ही धूमधाम से संपन्न किया गया।। भागवत कथा में आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि जो सभी को खुशी दे वही तो कृष्ण है और  भागवत में दो पक्ष हैं एक चिंतन और दूसरा भाव। हमें जीवन में आनंद को समेटकर नहीं बल्कि बांटकर चलना चाहिए। तभी हम रोते हुए को हंसा सकते हैं। और रुक्मणी विवाह संपन्न होते ही  मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी ने  भक्ति रस से भरी हुई  जलेबी प्रसाद भक्तों में लुटाई  और वही रुक्मणी कृष्ण की आरती कुुसुम कानौड़िया, गिरधारी लाल कानौड़ियां ने उतारी। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, अशोक अग्रवाल, पवन बसंल, गुड़िया प्रधान, राजेश मेहता, हिमांशु गुप्ता, कांता मेहता, मुरलीधर अग्रवाल, मीना अग्रवाल, जयकिशन गोयल, समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसेरे, विष्णु शर्मा, राम विलास मिश्रा, अनिल शर्मा, जस्सी सिंह आदि थे।।

 

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