देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। ब्रज के गांव में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। अमृत सरोवर विकसित किए जा रहे हैं। यहां तक कि माॅल जैसी सुविधाएं देने की बात हो रही है। वहीं गोवर्धन क्षेत्र के ऊंचा गांव में जन सुविधाएं ग्रामीणों को चिढा रही हैं। यहां तक कि बरसात के समय ग्रामीणों को तिरपाल लगा कर शव का अंतिम संस्कार करना पडा वहीं दो तीन दिन की बरसात के बाद गांव की गलियों में पानी तैरने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊंचा गांव बेहद प्राचीन है और इसे कमोदवन के नाम से जाना जाता था। भगवान कृष्ण की क्रीड़ा स्थली कमोदवन की ग्राम ऊंचा गांव में चिता जलाने को मजबूर ग्रामीणों को तिरपाल ताननी पडी। गांव में श्मशान भूमि भी आरक्षित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में काफी जमीन है, इसके बाद भी ग्रामीणों ने मजबूर होकर तिरपाल का सहारा लेकर चिता जलाई। दो तीन दिन की बरसात में ही गांव की गलियों में पानी तैर रहा है। जहरीले कीड़ों से लोग भयभीत हैं और कोई भी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीण सोरन सिंह, हरवान सिंह, महावीर, गिरवर, इन्द्र सिंह, करन सिंह, सुरेश चंद, बाबूलाल, राजू, राधेश्याम, जय सिंह, शिवराम, रामजीलाल, हनुमान, पूरनचंद, सौदान सिंह, निरंजन, वर्तमान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रोतान सिंह, बबलू, खजान सिंह ने गांव में मांग की है कि गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाए।













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हमें जी20 को दुनिया के अंतिम छोर तक ले जाना है, किसी को भी पीछे नहीं छोड़ना है - नरेंद्र मोदी