देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोनाकॉल में सरकारी विभाग को राजस्व वसूली का टारगेट पूरा करने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड रही है। आबकारी विभाग भी इससे अछूता नहीं है। पर्यटकों के न आने से नषे का धंधा भी मंदा पड गया है। वित्त वर्ष में मथुरा जनपद से आवाकारी विभाग को 610 करोड के राजस्व पूरा करना है जिसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। करीब 50 करोड रूपये प्रतिमहा की राजस्व वसूली से यह टारगेट पूरा होता है।
वर्तमान में चालू वित्त वर्ष के गुजरे महीनों में यह विभाग 45 करोड के आसपास लक्ष्य हासिल कर रहा है। विभाग को उम्मीद है कि हालात सुधरने पर लक्ष्य को शतप्रतिश हासिल किया जा सकता है। जनपद में कुल 698 आबकारी विभाग के अधीन ठेके और दुकान हैं। आबकारी अधिकारी कुमार प्रभात चंद्रा के मुताबिक जिनमें 184 देषी, 211 अंग्रेजी, 240 बीयर, 54 भांग, 9 मॉडल षॉप, 10 बार हैं।
जनपद से अभी तक चालू वित्त वर्ष में औरसत प्रतिमाह 44 करोड 95 लाख का राजस्व जुटाया गया है। इसमंे आगामी महीनों में और वृद्धि संभव है। कोरोना महामारी के चलते कुछ दिक्कतें आ रही हैं, उम्मीद है कि लक्ष्य को वित्त वर्ष के अंत तक हासिल कर लिया जाएगा। इसके लिए लगातार दुकानों पर चैकिंग की जा रही है जिससे अवैध शराब की बिक्री को रोका जा सके। अवैध शराब की बिक्री से विभाग को राजस्व की हानि होती है।
अवैध शराब पर कडी निगरानी रखी जा रही है। हर महीने दुकानों की दो से तीन बार चैकिंग कराई जा रही है। समस्त निमय कानूनों को कडाई से लागू किया गया है।
वहीं दूसरी ओर ठेकेदार और दुकानदारों का कहना है कि विभाग लगातार उनके उपर दबाव बना रहा है कि वह टारगेट के हिसाब से माल उठाएं जबकि खरीदार उनते नहीं हैं। खपत कम हुई है। खास कर शहरी क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा है। बाहर से पर्यटकों की आमद कम हुई जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है।













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