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MATHURA : श्रमिक, मजदूरों की जानलेवा बनी भाजपा सरकार : महेश आर्य

मथुरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में संविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान के सदस्य एवं पूर्व एम.एल.सी. सपा नेता महेश आर्य ने प्रवासी मजदूरों एवं श्रमिकों की मौत एवं उनके हालातों के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहाकि सब कुछ लाॅकडाउन करने का निर्णय केंद्र सरकार का अदूरदर्शी एवं जल्दबाजी में लिया गया कठोर निर्णय है। यह निर्णय करने से पहले इससे उत्पन्न होने वाली परिस्थिति और परिणामों पर विचार कर लिया होता तो शायद श्रमिक एवं प्रवासी मजदूर बेसहारा होकर सड़कों पर भूखे मरने को मजबूर नहीं होते। लाकडाउन में जब मजदूर जहां थे वहां पर फंस गए। रहने खाने की बहुत खराब स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग अपने- अपने घरों को जाने के लिए विवश हो गए क्योंकि उनका सरकारों से भरोसा उठ चुका था, सरकारों ने उनके घरों तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की श्रमिक एवं प्रवासी मजदूर भूखे प्यासे ही अपने छोटे-छोटे बच्चों को तड़पते हुए लेकर हजारों किलोमीटर पैदल चलते जा रहे हैं। राज्य सरकार ने उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की, फल स्वरूप सैकड़ों मजदूरों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जब सच्चाई सामन ेआने लगी तो श्रमिक रेल चलाने जैसा निर्णय लिये गये। रेल चलाई भी और उनसे बदले में किराया भी वसूल किया गया। यह इंसानियत और मानवता को और भी शर्मसार करता है, भाजपा की सरकार ऐसी घटनाएं रोकने में पूर्णतया अक्षम साबित हुई है। मथुरा में ही अन्य राज्यों से सीमा पर बड़ी संख्या में मजदूर पलायन करके जमा हुए। मुझे बताया गया कि हरियाणा बॉर्डर के कोटवन पर तथा राजस्थान के बॉर्डर पर व अलीगढ़ के बॉर्डर पर सैकड़ों किलोमीटर दूर पैदल चलकर भी फंसे हैं। राज्य सरकार उनके लिए कोई इंतजाम नहीं कर पा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जहां एक और प्रशासन को हजारों बसें चलाने के लिए आदेश करते हैं लेकिन वह आदेश सभी हवा हवाई साबित हो रहे हैं। भूखे प्यासे लोग खाने पीने को भी मोहताज हो रहे हैं। सरकार और उसकी पुलिस का ऐसा हमानवीय चेहरा पहले कभी देखने को नहीं मिला था। हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुरू से ही पार्टीजनों को इस संकट की घड़ी में असहाय लाचार प्रवासी मजदूरों को हर संभव मदद करने का आदेश दिया था और हमारी पार्टी के पदाधिकारी जितना भी बन पा रहा है उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं।

 

नारद संवाद

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