देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। नगर निगम के यमुनापार स्थित कोल्हू गांव में बने डंपिंग ग्राउण्ड पर कूडे को जलाकर निस्तारित किया जा रहा था। दूसरी ओर जिला प्रशासन किसानों पर पराली जालाने को लेकर लगातार सख्ती बढाता जा रहा है। करीब 150 किसानों को चिन्हित किया गया है जिन्हों ने पराली जलाई थी और इनमें से 31 किसानों को नोटिस भी जारी किये गये हैं। जबकि दूसरी और महानगर का करीब 110 से 120 टन कूडा रोजाना डंपिंग ग्राउण्ड पर पहुंच रहा है। इस कूडे को आग लगाकर जलाया जा रहा है। 6 अक्टूबर को ’प्रदूषण इमरजेंसीः पराली जलाने पर होगी जेल, हजारों टन कूडा जलाने पर नहीं! से प्रकाशित खबर’ प्रकाशित होने के बाद प्रशासन में हडकंप मच गया। समाचार छपने के बाद किसानों और आमनागरिकों ने भी प्रशासन के दोहरे मानदंडों को लेकर आक्रोश था। कई समाजसेवी संस्थाओं को किसान संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद जिला प्रशासन में हडकंप मच गया। आननपफानन में नगर निगम की टीम डंपिंग ग्राउण्ड पर पहुंची और सुलग रही आग को देखा। इसके बाद दमकल की गाडियों को मौके पर बुलाकर आग पर काबू पाया गया। दमकल की कई गाडियों ने पानी का छिडकाव किया।
प्रशासन ने दिया मीडिया को धन्यवाद
नगर निगम प्रशासन ने डंपिंग ग्राउण्ड पर आग लगाकर कूडे को निस्तारित किये जाने की लोगों की कारस्तानी को उजागर करने और प्रदूषण से वातावरण को हो रहे नुक्शन से बचाने के लिए मामले को संज्ञान में लाने के लिए मीडिया का धन्यवाद किया। नगर नगिम प्र
संयुक्त नगर आयुक्त के बोल
संयुक्त नगर आयुक्त अजित कुमार सिंह ने कहाकि इस पर कोई बयान नहीं देंगे। मामला संज्ञान में है और फायरबिग्रेड की गाडियों से पानी छिडकवाकर आग को बुझा दिया गया है।













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