देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreसौंख। हमारे यहां पर शिक्षकों का कद समाज में भगवान से भी बड़ा माना गया है। वर्तमान में क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में ऐसे भी शिक्षक शिक्षा ग्रहण करा रहे जिनका उद्देश्य केवल देश के भविष्य को मजबूत करके उर्जावान बनाना है।

और बच्चों की सुविधा के लिए उन्होनें ट्रस्ट या समाजसेवियों के साथ-साथ स्वंय ने तन-मन-धन सहयोग कर सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके उदाहरण है प्राथमिक विद्यालय सौंख द्वितीय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोरिहापट्टी।
बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखार कर उनको सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना हमारा कर्तव्य है। इसके लिए हर शिक्षक का अपना अलग तरीका होता है। और बच्चों के लिए विद्यालय में संसाधानों की कोई कमी नही है। शिक्षक ही देश का भविष्य तैयार करता है।
लोकेश शर्मा, प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय, लोरिहा पट्टी
एनसीईआरटी द्वारा पठन-पाठन प्रकोष्ठ परियोजना में बच्चों को किताबी ज्ञान न देकर भौतिक परिवेश से जोड़ते हुए अन्य पठन पाठन संबंधी सामग्री के साथ रूचि अंदाज में बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनी थी। इस योजना में मुझे कई बार जनपद की ओर से पायलट प्रोजेक्ट मास्टर ट्रेनर के रूप में सहभागिता करने का मौका मिला। एससीईआरटी लखनउ से स्टेट लेवल ट्रेनर के रूप में विभिन्न जनपदों में शिक्षकों को नैतिकता व मूल्य बोधक विषय पर प्रशिक्षण दिया है। डोरीलाल शर्मा, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, सौंख द्वितीय













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