देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जिनते की सब्जी नहीं उससे उससे महंगा तो सब्जी का तडका पड रहा है। जी हां रसोई का हाल इस समय कुछ ऐसा ही है। ग्रहणियों के लिए रसोई का बजट बनाना इस समय खासा मुश्किल हो गया है। प्याज लोगों की आखों में लगातार आंसू ला रहा है। प्याज और लहसुन की कीमतें चार साल के उंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। खुले बाजार में प्याज 60 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। बारिश के कारण थोक बाजार में लहसुन, प्याज की आमद कम होने से दाम बढ़ते जा रहे हैं। तीन दिन में थोक बाजार में प्याज के दाम चार हजार से बढ़कर पाच हजार रुपये प्रति कुंतल हो गया। लहसुन का भाव 13 हजार रुपये प्रति कुंतल रहा। खुले बाजार में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो व लहसुन का भाव सौ से 150 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। महंगाई के चलते लहसुन, प्याज आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। हालात यह हैं कि दाल व सब्जी में प्याज लहसुन का स्वाद महंगा हो गया है। प्याज के दाम पिछले एक माह से चढ़ते जा रहे हैं, लेकिन एक सप्ताह में लहसुन, प्याज के थोक बाजार को हिला दिया है। जिले में प्याज की आमद दिल्ली की आजादपुर मंडी मध्यप्रदेश के सतना, इंदौर, राजस्थान के अलवर व महाराष्ट्र के नासिक से होती है। बारिश के कारण इन मंडियों में प्याज व लहसुन कम मात्रा में आ रहा है, जिससे थोक बाजार के दाम चढ़ते जा रहे हैं। थोक बाजार में प्याज की कीमत 4500 से 5000 रुपये प्रति कुंतल रही। जो फुटकर की दुकानों में पहुंचने तक 60 से 70 रुपये प्रति किलो की हो गई। इसी प्रकार लहसुन के दाम थोक में 5000 से 13000 रुपये प्रति कुंतल रहे।













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