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MATHURA : अनेकता में एकता का संगम राधारानी ब्रजयात्रा: रमेश बाबा

बरसाना(गौरव सिसोदिया)। मानमंदिर सेवा संस्थान के ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा की 30 वी राधा रानी ब्रजयात्रा। गौसेवक विरक्त सन्त श्री रमेश बाबा की 84 कोस ब्रज यात्रा ने आज प्रातः काल ठाकुर मानविहारीलाल की सन्निधि में 38 दिवसीय ब्रजयात्रा शनिवार को राधारानी ब्रजयात्रा के द्वितीय पड़ाव के चलते श्रद्धालु 14 किलोमीटर पैदल चलकर बरसाना के ऊंचागांव, सुलोकर, ब्रजेश्वर, रावल वन, पाडर वन, बृषभानु कुंड, चित्रासखी, चिकसोली, दोहनी कुंड, माताजी गौशाला आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन किये।
मानमंदिर से शुरू हुई ब्रज चौरासी कोस की 38 दिवसीय राधारानी ब्रजयात्रा की शुरूआत विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में प्रारम्भ हो चुकी है। ब्रजयात्रा पड़ाव स्थल में सुबह करीब 7 बजे रमेश बाबा के अनुयायियों द्वारा यात्रा के दौरान गौसेवा, यमुना मुक्ति अभियान तथा गांव-गांव सफाई अभियान करेंगे। पिछले 30 बर्षो से चल रही ब्रजयात्रा में अनेको विदेशी भक्त भी साथ चल रहे है। रमेश बाबा द्वारा श्रद्धालुओं को ब्रजयात्रा निःशुल्क कराई जाती है। वहीं यात्रा में लोगो के लिए खाने पीने व दवा आदि चीजो का भी निःशुल्क वितरण होता है। जहां एक ओर ब्रजवासियों को दाल रोटी प्रसाद के रूप में दिया जा रहा है, तो वही बंगाली भक्तों को पुलाव व खिचड़ी दी जा रही है। संत रमेश बाबा ने कहा कि राधारानी ब्रजयात्रा अनेकता में एकता का एक अनूठा संगम है यात्रा में देश विदेश के कोने कोने से यात्री आते है जिनकी भाषा , रहनसहन खाना, पीना लगभग सभी का विभिन प्रकार का होने के बाब जुद सभी यात्री यात्रा के संगम में केवल कृष्ण भक्त नजर आते है।जो मनुष्य जीवन में एक बार ब्रज चौरासी कोस की यात्रा करले तो उसका जीवन धन्य हो जाता है। वो सभी पापों से मुक्त होकर परम ब्रह्म में लीन हो जाता है।बरसाना में ब्रजयात्रा का दो दिवसीय पड़ाव मानमन्दिर के पीछे है। यात्रा में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं द्वारा हरिनाम सर्कीतन किया जा रहा है तो वही शाम को साध्वी श्रीजी शर्मा द्वारा यात्रा करने वाले सभी लोगो को ब्रजयात्रा तथा दर्शन स्थली का महत्व बताया जाता है।

नारद संवाद

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