देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। विद्यालयों की जमीन पर बने सभी सार्वजनिक शौचालयों को अवैध माना गया है। अब इन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके साथ ही जहां यह निर्माणा चल रहे हैं, वहां पर भी काम आगे नहीं होगा।
ग्राम प्रधानों ने मनमानी करते हुए विद्यालय की जमीन पर अथवा विद्यालय के गेट पर ही सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण् करा दिया है। 8 अगस्त को पूर्व माध्यमिक विद्यालय खानपुर विकास खण्ड बल्देव के प्रधानाध्यापक ने एसडीएम महावन से शिकायत की थी कि विद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रधान शौचालय का निर्माण करा रहा है।
हालांकि इसके बाद भी शौचालय का निर्माण करा दिया गया। इसी तरह की दूसरी शिकायतें भी अलग अलग विद्यालयों से पहुंची जिन पर अधिकारियों की ओर से संज्ञान नहीं लिया गया। अब प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है। हालांकि बाउंड्रीवाल से सटा कर और गेट के ठीक बराबर में बनाये गये सार्वजनिक शौचायल ध्वस्त होंगे कि बने रहेंगे यह अभी स्पष्ट नहीं है।
बेसिक के साथ ही प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बीएसए तथा डीआइओस को निर्देश दिया है कि यदि कोई भी सार्वजनिक शौचालय स्कूल परिसर में आता है तो तत्काल उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही अगर कहीं पर भी इसका निर्माण चल रहा है तो भी उसको तुरंत रोका जाए। विभाग ने कहाकि कई जगह से इस बाबत शिकायत आ रही हैं कि स्कूल प्रांगण में सार्वजनिक शौचालय के छात्र-छात्राओं के साथ सभी शिक्षकों को इससे काफी परेशानी होती है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्कूल की भूमि पर कोई सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं हो। सार्वजनिक शौचालय से छात्र-छात्राओं के साथ स्कूल स्टॉफ की सुरक्षा को खतरा है। इसके साथ ही स्कूल प्रांगण में सार्वजनिक शौचालय होने से बच्चों में संक्रमण भी फैल सकता है। वहां पर तो नियमित रूप से सफाई भी नहीं की जाती है। विजय किरण आनंद ने कहा कि हम इतना बड़ा खतरा उठाने को तैयार नहीं हैं। अब जल्दी ही स्कूलों में बने सार्वजनिक शौचालय को तोड़ा जाएगा।













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