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लॉकडाउन : जनप्रतिनिधियों की सुस्ती पड सकती है भारी

मथुरा। लॉक डाउन के दौरान शुक्रवार को सुबह सात बजे से ग्यारह बजे तक बाजार खुले इस दौरान लोगों ने दूध दही फल सब्जी खाद्यान्न की जमकर खरीदारी की पिछले दो दिन की अपेक्षा आज ज्यादा भीड़ थी बाजार में भीड़ उमड़ने से रोक पाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है जिससे सोशल डिस्टेंस नहीं बन पा रहा कोरोनावायरस को फैलने से रोकने में सोशल डिस्टेंस की बड़ी भूमिका है इसी के तहत देश को लॉकडाउन किया गया है लेकिन 4 घंटे के लिए खुल रहा मथुरा का बाजार लॉकडाउन को बेअसर साबित कर रहा है।

एक लाख कुंतल गेहूं का स्टॉक
जनपद में फिलहाल जिला प्रशासन ने एक लाख कुंतल गेहूं के भंडारण के दिशा निर्देश दिए गए है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। लॉकडाउन में पर्याप्त भोजन पानी और जरुरत का सामान घरों पर ही मिलता रहे। इसे लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देशों पर सभी राज्यों के सभी जनपदों में खाद्यान्न की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित की जा रही है। शासन के निर्देशों पर जनपद में डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने भी इसका इंतजाम शुरु कर दिए है। उन्होंने जनपद के खाद्य एवं विपणन विभाग के डिप्टी आरएमओ राजेश्वर सिंह को एफसीआई अथवा अन्य श्रोतों से एक लाख कुंतल गेहूं का भंडारण सुनिश्चित करने के दिशा निर्देश दिए हैं।

खराब मौसम से बाधित हो रही गैहूं की कटाई
खराब मौसम के चलते गैहूं की कटाई का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मार्च का महीना खत्म होने को है। अभी तक गैहूं और जौ की कटाई का काम शुरू नहीं हो सका है। गैहूं की कटाई का काम शुरू होने पर गांवों में पुलिस को मशक्कत नहीं करनी पडेगी। अधिकांश किसान और मजदूर  कटाई के काम में जुट जाएंगे। इससे सोशल डिस्टेंसिंग भी रहेगी और लोगों के पास इतनी फुर्सत भी नहीं होगी कि वह कहीं एकत्रित हो सकें।  

 

नारद संवाद

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