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MATHURA : बैंक खुलने से घंटों पहले पहुंच जाते हैं लोग

मथुरा। मोदी वाले पांच सौ रूपये के लिए बैंक खुलने के दो घंटे पहले ही बैंकों पर भीड जुट जाती है। लोग सुबह से ही डेरा डाल देते हैं। इनमें से कई लोग तो ऐसे होते हैं जो लगातार दो या तीन दिन से आ रहे हैं, लेकिन पांच सौ रूपये निकाल नहीं पा रहे हैं, तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके अकाउंट में अच्छी खासी रकम है। उनके घर भी पैसे हैं लेकिन वह मोदी वाले पांच सौ रूपये वापस न चले जाएं इस डर से पहुंच रहे हैं। अफवाहों पर लगाम नहीं लग पाने के चलते लोग कोरोना वाइरस के खिलाफ लडी जा रही लडाई को कम जोर कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे। यहां तक कि मास्क भी नहीं लाग रहे हैं और कपडे से अपना चेहरा भी नहीं ढंक रहे हैं। जब तक बैंक ख्ुालने का समय होता है, बैंक के सामने अच्छी खासी भीड जाम हो जाती है। ऐसे में बैंक कर्मियों के लिए भी व्यवस्था बनाना मुश्किल हो जाता है। बैंक कर्मचारी चाहकर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करा पा रहे हैं। बिना मास्क लगाये और चहरा ढंके लोगों के संपर्क में आने से बैंक कर्मचारियों को भी खतरा है। ऐसे में वह भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बैंक कर्मचारियों का दर्द यह भी है कि कोरोना योद्धाओं के तौर पर सिर्फ चिकित्सक, चिकित्सा स्टाफ, पुलिसकर्मी और सफाईकर्मियों को ही पहचाना जा रहा है। जबकि वह खुद भी कम जोखिम नहीं उठा रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा के वह लगातार लोगों की सेवा कर रहे हैं। जब तमाम सरकारी कार्यालय बंद हैं बैंककर्मी लगातार काम कर रहे हैं लेकिन बैंककर्मियों के काम को कमतर आंका जा रहा है।

एटीएम पर नहीं है सेनेटाइजर
आज का विषय बैंक एटीएम

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच लक्ष्मी नगर जमुना पार पर लगे एटीएम पर शुक्रवार की सुबह पैसे निकालने गये गौसना निवासी सुमित गोस्वामी ने बताया कि यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो किया जा रहा था लेकिन एटीएम पर सेनेटाइजर नहीं था। सुमित ने बतया कि जब मेरी बारी आयी तो मैंने सेनेटाइज खोजा जो कहीं नहीं मिला। जब गार्ड से पूछा तो उसने बैंक की ओर से उपलब्ध नहीं कराये जाने की बात कही। इसके बाद सुमित ने पैसे निकाले और अपने पास रखे सेनेटाइजर से हाथ सेनेटाइज किये। जिनके पास सेनेटाइजर नहीं था वह पैसे निकाल कर सीधे घर जा रहे थे।

 

नारद संवाद

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