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लखनऊ । बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश चुनाव में भी आरक्षण का मुद्दा अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को कहा कि आरक्षण खत्म किया गया तो भाजपा राजनीति भूल जाएगी। चेतावनी भरे लहजे में मायावती ने कहा कि भाजपा को दिन में तारे दिखा दिए जाएंगे। इसी के साथ बसपा प्रमुख ने कांग्रेस-सपा के संभावित गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने ‘दागी’ अखिलेश के आगे घुटने टेक दिए हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि जनता केंद्र की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने सपा का निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था ठप है। यूपी में अब तक 500 दंगे हुए हैं। मुलायम सिंह पुत्र मोह में नाटक कर रहे हैं, ऐसा नाटक कर वह अखिलेश के दाग धोना चाहते हैं। शिवपाल को बलि का बकरा बना दिया गया। शिवपाल मुलायम के पुत्र मोह के शिकार हुए हैं, वह एक सीट पर सिमट कर रहे गए हैं। शुक्रवार को आरक्षण खत्म किए जाने को लेकर मनमोहन वैद्य का बयान सामने आने के बाद यह माना जा रहा था कि विरोधी दल इस मुद्दे को लपकने में देर नहीं लगाएंगे, और ऐसा ही हुआ है। मायावती ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएसएस और भाजपा को आरक्षण के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘अगर आरक्षण को खत्म करने के लिए ये लोग कानून बनाते हैं, तो बीजेपी को दिन में तारे दिखा दिए जाएंगे। दलित वर्ग के लोग इस फैसले पर बीजेपी को हमेशा-हमेशा के लिए राजनीति करना भुला देंगे।’ माया ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को देश में दलितों की आबादी का अंदाजा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव में जनता बता देगी, इन्हें पता नहीं कि इनकी आबादी कितनी है। बीजेपी को आरक्षण खत्म करने की बंदर की तरह घुडक़ी देना बंद कर देना चाहिए।’ उन्होंने दलित और आदिवासी वर्ग के लोगों से अपील की कि यूपी और बाकी चार राज्यों के चुनावों में बीजेपी और आरएसएस को हराकर इसकी सजा दें।
‘दागी अखिलेश के आगे कांग्रेस नतमस्तक
मायावती ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि अखिलेश कांग्रेस के भी सीएम के चेहरे हैं। दोनों के बीच गठबंधन होने से पहले ही मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, ‘दागी अखिलेश अब कांग्रेस के भी सीएम फेस बन गए हैं। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस को यही दागी चेहरा चाहिए था? अखिलेश के आगे कांग्रेस ने घुटने टेक दिए हैं। लोग इसे कांग्रेस का दिवालियापन मान रहे हैं।’ उन्होंने कहा, बसपा को रोकने के लिए षडय़ंत्र किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी डूबती नैय्या है। सपा का सत्ता में लौटना मुश्किल है। जिस तरह से कांग्रेस ने अखिलेश के सामने सरेंडर किया, इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस ऑक्सीजन पर है। मायावती ने कहा कि सपा के पास अखिलेश का दागी चेहरा है, जो कानून-व्यवस्था, जंगलराज और अराजक राज का प्रतीक है। क्या जनता ऐसे दागी चेहरे को वोट देगी? जनता को अब फैसला करना है कि दागी, भ्रष्ट, सांप्रदायिक और अराजकता का राज चाहिए या इससे छुटकरा। कुशासन पर पर्दा डालने के लिए मुलायम सिंह किस्म-किस्म के नाटक करते रहे हैं। अपने बेटे को बचाने के लिए शिवपाल को बलि का बकरा बनाया है और दागी चेहरे से ध्यान हटाने के लिए किस्म-किस्म के खेल खेले गए। मायावती ने कहा कि अगर शिवपाल बसपा में आना चाहें और गुजारिश करें तो उसके बाद हम फैसला करेंगे।
अखिलेश पर बीजेपी से मिलभगत का आरोप लगाते हुए बीएसपी मुखिया ने कहा, ‘कांग्रेस ने उस दागी को सीएम फेस मान लिया है जो बीजेपी से सांठगांठ करता है। ये सारी मिलीभगत बीएसपी को रोकने के लिए है। जनता को चुनाव में सही फैसला लेना होगा। दागी चेहरे जनता को पसंद नहीं।’ माया ने कहा कि चुनाव के वक्त कांग्रेस पार्टी का असली और स्वार्थी चेहरा बेनकाब होकर जनता के सामने आ गया है।
मायावती ने कहा कि सपा की लड़ाई का फायदा भाजपा को मिलेगा इसलिए लोगों से अपील है कि भाजपा को हराना है, तो लोग और खासकर मुसलमान अपना वोट बर्बाद न करें और सिर्फ बसपा को वोट दें। भाजपा की भी हालत खराब है, भाजपा की साम, दाम, दंड और भेद की कोई नीति काम नहीं आएगी।
साभार-khaskhabar.com













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