देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreनीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों के लिए सूचकांक (एसडीजी) भारत सूचकांक 2020-21 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में शीर्ष स्थान पर केरल रहा है। रिपोर्ट को जारी करने के अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड के माध्यम से एसडीजी की निगरानी में हमारे द्वारा किये गए प्रयासों पर दुनिया भर में व्यापक रूप से गौर किया है। एसडीजी पर एक समग्र सूचकांक की गणना करके हमारे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को श्रेणीबद्ध करने के लिए यह एक दुर्लभ डाटा आधारित पहल है। जानकारी के लिए बता दें कि सतत विकास लक्ष्यों के लिए सूचकांक (एसडीजी) सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति का मूल्यांकन करता है।
इस मौके पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, ''यह रिपोर्ट हमारे एसडीजी प्रयासों के दौरान तैयार की गई साझेदारी और उसकी मजबूती को दर्शाती है। इससे पता चलता है कि किस तरह मिलकर की गई पहलों के जरिए बेहतर नतीजे पाए जा सकते हैं।''
केरल के बाद इन राज्यों को मिला स्थान
जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार, केरल ने 75 अंक के साथ शीर्ष राज्य के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है, जबकि 74 अंक के साथ हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु को दूसरा स्थान मिला है। इसके बाद इस सूची में 72 अंकों के साथ आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक और उत्तराखंड आते हैं।
https://twitter.com/NITIAayog/status/1400311296583602176
राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों को उनके एसडीजी इंडिया इंडेक्स स्कोर के आधार पर निम्नलिखित तरीके से वर्गीकृत किया जाता है:
1) प्रतियोगी (एस्पीरेंट): 0–49
2) प्रदर्शन करने वाला (परफॉर्मर): 50–64
3) सबसे आगे चलने वाला (फ्रंट - रनर): 65–99
4) लक्ष्य पाने वाला (एचीवर): 100
एसडीजी इंडिया इंडेक्स स्कोर के आधार पर शीर्ष पांच राज्य और उनकी रैंकिंग
1) केरल - 75 अंक
2) हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु - 74 अंक
3) आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड - 72 अंक
4) सिक्किम - 71 अंक
5) महाराष्ट्र - 70 अंक
एसडीजी इंडिया इंडेक्स स्कोर के आधार पर निम्न पांच राज्य और उनकी रैंकिंग
1) छत्तीसगढ़, नागालैंड, ओडिशा - 61 अंक
2) अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, राजस्थान, उत्तर प्रदेश - 60 अंक
3) असम - 57 अंक
4) झारखंड - 56 अंक
5) बिहार - 52 अंक
दिसंबर 2018 में हुई थी सूचकांक की शुरुआत
इस सूचकांक की शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी और यह देश में एसडीजी पर प्रगति की निगरानी के लिए प्रमुख साधन बन गया है। पहले संस्करण 2018-19 में 13 ध्येय, 39 लक्ष्यों और 62 संकेतकों को शामिल किया गया था, जबकि इस तीसरे संस्करण में 17 ध्येय, 70 लक्ष्यों और 115 संकेतकों को शामिल किया गया। साल 2019 में जारी दूसरे सूचकांक में केरल, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना एसडीजी रैंकिंग में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य थे।













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