देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मुड़िया मेला की विशिष्ट पहचान रही मुड़िया संतों की शोभायात्रा पूर्णमासी को धूमधाम से निकाली गई। परंपरागत शोभायात्रा में मुडि़या संत सिर मुंडवा कर संर्कीतन करते हुए निकले। संकीर्तन पर बेसुध झूमते मुड़िया संतों की मस्ती को देखकर परिक्रमार्थी भी अपने आप को रोक नहीं सके और शोभायात्रा में नाचने लगे। सुबह शोभायात्रा के दौरान वर्षा भी हुई। शोभायात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। शोभायात्रा सुबह करीब दस बजे राधा श्यामसुंदर मंदिर से निकली शोभायात्रा के साथ मुड़िया संतों ने मानसी गंगा की परिक्रमा लगाई। चकलेश्वर के राधा श्याम सुंदर मंदिर से महंत रामकृष्ण दास महाराज के निर्देशन में शोभायात्रा निकाली गई। चकलेश्वर स्थित राधाश्यामसुदंर मंदिर से दसविसा, हरदेवजी मंदिर, सौंख अड्डा, दानघाटी, डीग अड्डा, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा होते हुए राधा श्यामसुंदर मंदिर पर पहुंच कर सम्पन्न हुई। मुड़िया महंत गोपाल दास ने बताया कि गौड़ीय सम्प्रदाय के पूज्यपाद सनातन गोस्वामी के वर्ष 1556 में गोलोक धाम पधारने के बाद से लेकर अब तक गौड़ीय संत सनातन गोस्वामी की छवि के साथ परिक्रमा लगाकर मुड़िया पूर्णिमा को मनाते हैं। दो दिन पहले मुड़िया संतों ने शोभायात्रा के लिए महामंत्र का जाप कर मुंडन कराया था। मुडिया मेला की परंपराओं में यह वर्षों पुरानी बेहद महत्वपूर्ण परंपरा है जिसका आज भी संतों द्वारा पूरी आस्था के साथ निभाया जा रहा है। विधायक ठाकुर मेघश्याम भी शोभायात्रा में शामिल हुए। सियाराम शर्मा ने सभी मुड़िया संतों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। शोभायात्रा में एसडीएम संदीप कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। दूसरी शोभायात्रा चकलेश्वर स्थित महाप्रभुजी की बैठक से सायं निकाली जाएगी।













Related Items
नेपाल के अंतिम राजा पहुंचे हरिद्वार, सोमवार को संतों के साथ कुंभ मेले में करेंगे शाही स्नान
ब्रज के साधु संतों ने जताया कडा ऐतराज
अयोध्या के और संतों को भूमिपूजन में किया जाएगा आमंत्रित