देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। सरकारी की सख्ती के बावजूद लेखपालों ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे हैं। सरकान ने लेखपालां के आंदोलन को खत्म कराने के लिए सख्त कदम उठाया है। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रान्तीय आव्हान पर मंगलवार को लगातार आठवें दिन भी लेखपालों का आंदोलन जारी रहा। संगठन के जिलाध्यक्ष चै. वीरेंद्र सिंह, जिलामंत्री भगवान सहाय तथा वरिष्ठ लेखपाल चांद सैयद, वेचेन सिंह, नितिन चतुर्वेदी, चरन सिंहख् प्रमोद शर्मा आदि के साथ बडी संख्या मंे लेखपाल धरनास्थल पर मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष चैधरी वीरेंद्र सिंह ने धरना स्थल पर कहाकि सरकार के द्वारा बार-बार झंूठे आश्वासन दिये जा रहे हैं। लेखपाल अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अब सरकार के आश्वासनों पर भी किस को भरोसा नहीं रह गया है। इस बार आंदोलन तब तक जारी रहेगा जबकि उनकी जाययज मांगों को मान नहीं लिया जाता है। इसी के चलते इस बार छेडा गया यह आन्दोलन सामान्य आन्दोलन नहीं है। यह आन्दोलन एक मिशाल कायम करेगा क्योंकि जब तक हमारी जायज मांग पूरी नहीं होती तब तक हम आन्दोलन करते रहेंगे, चाहे सरकार कोई भी कार्यवाही करे। हम किसी भी कार्यवाही से नहीं घबराते। जिला महामंत्री भगवान सहाय ने कहाकि वैसे भी उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ में मथुरा इकाई की धमक है। इससे पहले हुए आंदोलनों में भी मथुरा इकाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिलाध्यक्ष चै. वीरेंद्र सिंह को इसी तरह के अंदोलन के दौरान पुलिस ने साथियों सहित हिरासत में लिया था। इसके बाद भी उन्होंने अपने साथियों का मनोबल कम नहीं होने दिया था। जेल से भी आंदोलन का नेतृत्व कर मिशाल कायम की थी। इस बार भी मथुरा इकाई प्रदेश भर में आंदोलन को गति देने का काम करेगी। जिला उपपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने कहाकि सरकार आंदोलन को कुचलने की शुरूआत कर चुकी है। इससे हम कमाजोर नहीं होंगे, बल्कि हमारी एकता और मजबूत होगी।













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