BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

MATHURA : दिग्गज भाजपाई भी मान रहे है, जनता को लूट रहा विद्युत विभाग

मथुरा। भाजपा के पूर्व प्रदेष अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उर्जामंत्री श्रीकांत षर्मा के समाने सवाल उठाया है कि ऐसा आभास हो रहा है या तो विभाग की नजरों में पिछला इलैक्ट्रिक मीटर चोर था या अब जनता की नजरों में आज का इलैक्ट्रानिक मीटर लुटेरा है। इलैक्ट्रानिक मीटर में उसी परिवार के कनैक्षन और उसी लोड पर जो बिल आ रहा था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उसी लोड पर ढाई से तीन गुना बिल आ रहा है। क्या यह औचित्यपूर्ण है? मथुरा में 75 करोड की लागत से 1.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की षिकायत है कि उनके बढे हुए बिजली के बिल आ रहे हैं। जबकि उन्होंने किसी तरह का भर नहीं बढाया है। इस बात को लेकर कई बार प्रदर्षन भी हो चुके हैं और विपक्ष के नेता भी आवाज उठा रहे हैं लेकिन इसे अनसुना किया जाता रहा है। इस बार मामला पेचीदा है। भाजपा के ही पूर्व प्रदेष अध्यक्ष लक्ष्ममीकांत वाजपेयी ने उर्जा मंत्री श्रीकांत षर्मा को पत्र खिलकर गंभीर सवाल उठाये हैं।  बिजली विभाग स्मार्ट मीटर लगा रहा है और लोग बढ़े बिल से बिलबिला रहे है। अब तक ये बात आम जन कह रहा था। अब ये बात भाजपा के ही कद्दावर नेता रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उठाई है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को पत्र लिखा है। इसमें मंत्रालय की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए है। इस पत्र को पढ़कर आप भी चैंक जाएंगे। पत्र में लिखा गया है विभाग ने वर्ष 2002 में इलैक्ट्राॅनिक, 2006 में चाइनीज और स्मार्ट मीटर और अब प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे है, इन बातों का आखिर मतलब क्या है। लोगों का बिल ढाई से तीन गुना तक आ रहा है, लोग कराह रहे है। इलैक्ट्राॅनिक मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग की क्राॅस चेकिंग बेहद जरूरी है। 

राजस्व अधिक होने के बाद भी घटे में बिजली कंपनियां
राजस्व अधिक होने के बाद भी बिजली कंपनियों का घाटा सोचने वाला सवाल है। उन्होंने बिजली छापों में भी जनता से वसूली की संभावनाओं पर नाराजगी जताई है। सिर्फ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ही नहीं भाजपा और दूसरे राजनीतिक दलों के लोग लगातार इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि विद्यत विभाग में मनमानी हो रही है। इस मनमानी पर रोक लगनी चाहिए।

सबसे ज्यादा ज्यादती
विभाग की मनमानी मंे मथुरा प्रदेष में सबसे ज्यादा पीडित है। किसी भी योजना के ट्रायल के लिए विभाग द्वारा मथुरा को चुन लिया जाता है। इसका खामियाजा मथुरा की जनता भुगत रही है। स्मार्ट मीटर के मामले में भी यही हुआ है।

मथुरा में सबसे ज्यादा एफआईआर
मथुरा की आबादी को देखते हुए बिजली से संबंधित एफआईआर का अनुपात मथुरा में प्रदेष भर में सबसे ज्यादा है। यह माना जा रहा है कि मथुरा मे ंवही अधिकारी जमे हैं जो उर्जा मंत्री के बेहद करीबी हैं। इस लिए विभाग के अंदर जनता की कोई सुनवाई नहीं है।  

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More