BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

महापंचायत : भावनाओं के समंदर में ’गैर भाजपा दलों ने उतार दीं किश्तियां’

मथुरा। किसान आंदोलन से जुडी भावनाओं के ज्वार में राजनीतिक दलों ने अपनी किश्तियां उतार दी हैं। किसान आंदोलन के जरिये गैर भाजपाई नेता करीब आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के गाजीपुर बार्डर पर 28 जनवरी की रात निकले आंसू रालोद के लिए संजीवनी का काम कर गये हैं। राकेश टिकैत की अपली से किसान आंदोलन के पटरी पर लौटने की बाद हर ओर हो रही है, लेकिन जाट बाहुल्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय लोकदल की राजनीति में जान पड गई है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी मौका मिल गया है कि वह सरकार पर हमला बोलने के साथ ही जमीन पर लोगों से संवाद कर सकें।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसू 28 और 29 जनवरी की मध्यरात्रि को गाजीपुर बार्डर पर छलके, लेकिन भावनाओं का ज्वार शनिवार को मथुरा मंे बाजना के मोरकी इंटर काॅलेज के मैदान में उठा। मंच का देख कर साफ लग रहा था कि भावनाओं के समंदर में गैरभाजपाई दलों ने अपनी कश्तियां उतार दीं हैं। रालोद का गढ रहा मथुरा भी पिछले कुछ चुनावों से लगातार दरक रहा है। कभी मिनी छपरौली कही जाने वाली तत्कालीन गोकल (बल्देव) विधान सभा सीट भी रालोद के खाते मंे नहीं रही है। पांच विधान सभा सीटों और एक लोकसभा सीट में से एक भी इस समय रालोद के खाते मंे नहीं हैं। वर्तमान में मथुरा, बल्देव, गोवर्धन, छाता विधान सभा सीट पर भाजपा और मांट विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर जीते प.श्याम सुंदर शर्मा का कब्जा है। मथुरा से सिने स्टार हेमा मालिनी सांसद लगातार दूसरी बार सांसद हैं। सपा के एमएलसी संजय लाठर लगातार गोवर्धन क्षेत्र में अब भी सक्रियता बनाये हुए हैं। रालोद की इस हार के पीछे पार्टी के जाट वोटबैंक के खिसक जाने को बडी वजह माना जा रहा था। विगत चुनावों में भारतीय किसान यूनियन भी रालोद के साथ नहीं रही थी। सपा एमएलसी संजय लाठर गाजीपुर बार्डर पर राकेश टिकैत से भी मिलने पहुंचे थे और शनिवार को मोरकी मोड पर हुई महापंचायत के मंच पर भी थे। सपा जिलाध्यक्ष लोकमणिकांत जादौन के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लगातार किसानों इस मुद्दे पर आंदोलन में अपनी उपस्थित दर्ज कराती रही है। कांग्रेस गांव गांव पहुंच कर अपनी कमेटियां गठित कर रही है और ग्रामीणों के बीच किसान आंदोलन पर बात कर रही है। इससे पहले कांग्रेस के पास गांवों में पहुंचने के लिए जमीनी मुद्दे का अभाव था। यहां तक कि आमआदमी पार्टी भी जनपद में अपना विस्तार करने की पूरी कोशिश कर रही है।  
 शनिवार को पर्दे के पीछे की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। राजनीतिक पंडितों ने महापंचायत का सियासी चश्मे से आकलन किया तो सारे दल अपने-अपने पत्ते बिछाते दिखे। राष्ट्रीय लोकदल के तमाम पदाधिकारियों के साथ कई पूर्व और भावी प्रत्याशी मंच पर डटे रहे, वहीं सपा, कांग्रेस और आप भी प्रतिनिधियों को भेजकर सियासी जमीन तलाशती रही। किसान महापंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चैधरी के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एवं एमएलसी डॉ. संजय लाठर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतन मलिक, भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर, रालोद नेता योगेश नौहवार, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष बुद्धासिंह प्रधान, पूर्व विधायक ठा. तेजपाल सिंह आदि शामिल हुए हैं।

किसानों का समर्थक नहीं वह असली गद्दारः जयंत
किसान महापंचायत में रालोद नेता और मथुरा के पूर्व सांसद जयंत चैधरी ने किसानों पर लगाई जा रही तौहमत का जबाव देते हुए कहाकि जो किसानों के समर्थक नहीं वही असली गद्दार हैं। जयंत चैधरी न महापंचायत में किसान आंदोनल को रालोद के पूर्ण समर्थन का वायदा दोहराया और कहाकि किसान आंदोलन में रालोद के सिपाही आपको हर जगह खडे मिलेंगें। महापंचायत को सपा एमएसली सजंय लाठर ने भी संबोधित किया। संजय लाठर ने कहाकि किसान अपने हक की लडाई लड रहे हैं और वह इस लडाई को जरूर जीतेंगे। हम सब किसानों के साथ हैंे। किसान खुद को अकेला न समझें।

बार्डर की ओर किसानों का कूंच जारी
किसान आंदोलन को लेकर मथुरा के बाजना स्थित मोराकी इंटर कालेज में बुलाई किसान पंचायत में इस वक्त भारी भीड़ जुटी। उधर, पुलिस ने शुक्रवार से ही किसानों को गाजीपुर बार्डर पर चल रहे आंदोलन में जाने से रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे को छावनी में तब्दील कर दिया था। हालांकि शुक्रवार और शनिवार को बड़ी संख्या में किसान पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर बार्डर पहुंच चुके हैं।

एडीजी, एसएसपी ने किया पंचायत स्थल का निरीक्षण
बाजना के मोरकी इंटर कॉलेज बाजना में किसान पंचायत स्घ्थल पर भी भारी संख्या में पुलिस बल का बंदोबस्त किया गया है। एडीजी सतीश गणेश और एसएसपी ने सुबह मौके पर पहुंचकर पंचायत स्थल का जायजा लिया। यह पंचायत भारतीय किसान यूनियन ने बुलाई थी। जयंत चैधरी मथुरा की पंचायत में भी पहुंचें। भाकियू नेता राकेश टिकैत की भावुक अपील पर 28 जनवरी की रात ही किसान गाजीपुर बार्डर पर चल रहे आंदोलन में पहुंचने लगे। यह सिलसिला लगातार जारी है।

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More