BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

MATHURA : परिवारों में विघटन के कारण बच्चों में संस्कारों के पोषण में कमीः विभांषु जोशी

मथुरा। आदर्श संस्कार शाला द्वारा आयोजित शिक्षक एवं समाजसेवी सेमीनार एवं सम्मान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आये शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया । संस्था द्वारा शिक्षा, समाजसेवा एवं अन्य क्षेत्रों में लीक से हटकर नये प्रयोगों से बेहतर कार्य करने वाले 151 व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया । साध्वी ऋतभरा दीदी माँ एवं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने संयुक्त रूप से सभी को सम्मानपत्र प्रदान किये । शैक्षिक सेमीनार में वक्ताओं ने आधुनिक शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार एवं  संस्कृति से जोड़े रखने की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने रखा । राष्ट्रीय पुरूस्कार प्राप्त शिक्षाविद्, समाजसेवी, किसान, कलाकार एवं मोटीवेशनल स्पीकर आदि ने अपने अनुभव एक दूसरे से साझा किये । 
रविवार को आर.सी.ए. गल्र्स डिग्री काॅलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में गणित एवं मैमोरी में 30 वल्र्ड रिकार्ड बनाने वाले मैमोरी किंग डा0 हिम्मत भारद्वाज, गुजरात में परम्परागत खेती में नवप्रयोग कर प्रतिकूल परिस्थितियों में अनार की फसल उगाकर कश्मीर भेजने वाले पदम्श्री सम्मान प्राप्त दिव्यांग किसान गैंनाराम पटैल, लुधियाना के सरकारी स्कूल में गणित पार्क, लैब, गैमिंग जोन बनाकर खेल-खेल में बच्चों को गणित मास्टर बनाने वाले शिक्षक किरनदीप सिंह, कबाड़ के सामान से साइंस लैब बनाने वाली शिक्षक रजविंदर कौर, साधारण परिस्थितियों में विज्ञान में नये प्रयोगों से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरूस्कार तक पहुचंाने वाले शिक्षक अरविंद सिंह, स्ट्रीट स्कूल चलाने वाले सतीश चन्द्र शर्मा, ओ.पी. सिवाच सहित अन्य विशिष्टजनों को स्मृति चिंन्ह एवं पटका-पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम की शुरूआत में सुबह आयोजित सेमिनार में ‘संस्कार और नवाचार का राष्ट्रीय विकास में योगदान’ विषय पर प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे । पटना से आये शिक्षाविद्  एवं साहित्कार कुमार अरूणोदय ने कहा कि आज की शिक्षा में संस्कार और संस्कृति कम हो रही है इसलिये नवाचार के कार्य नहीं हो रहे हैं । बच्चों को केवल किताबी ज्ञान रटाया जा रहा है । उनकी बुद्धि विकास पर ध्यान है लेकिन व्यक्तित्व विकास को पीछे छोड़ा जा रहा है । अच्छे व्यक्तित्व ही हमारे राष्ट्र के विकास में सहायक हो सकते हैं । बिना संस्कारों के व्यक्तित्व का विकास नहीं हो सकता है ।
बाल अधिकार कानूनविद्व एवं प्रेरक वक्ता भोपाल से आये विभांशु जोशी ने कहा कि आप परिवारों में विघटन के कारण बच्चों में संस्कारों के पोषण में कमी आ रही है । पहले परिवारों की संस्कारशाला में संस्कृति का पाठ पढ़ाया जाता था । इसकी भरपाई आज विद्यालयों को करनी होगी । उन्होने कहा कि स्कूल में काउंसलर नियुक्त होने चाहियें । बच्चों को विधवाश्रम, अनाथालय लेकर जायें तो वह रिश्तों की अहमियत आसानी से समझेगें ।
संतोष कुमार ने ‘‘सुन्दर सुर सजाने को साज बनाते हैं, हम नौसीखे परिंदों का बाज बनाते हैं’’ शेर पढ़ते हुये कहा कि शिक्षकों को अपना महत्व समझना चाहिये । वह राष्ट्र निर्माता हैं । आज किताबी ज्ञान के साथ बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान देने की आवश्यकता है । 
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राजेंद्रा फाउंडेशन के सहयोग से सड़क दुघर्टना से होने वाली जन हानि को रोकने और खासकर सड़क  दुर्घटनाओं में  घायलों को सही समय पर उपचार मुहैया कराने की राष्ट्रीय जनजागरूकता के लिये एक विशेष कार्य सत्र आयोजित किया गया । अन्तिम सत्र में सभी अतिथियों को सम्मानित कर स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये । 
कार्यक्रम संयोजक दीपक गोस्वामी ने बताया कि  अप्रैल  2019 में देश भर से आवेदन आमंत्रित किये गए थे। देश भर से आये 2078 आवेदन में चयन प्रकिया के चलते तीन स्तरीय समितियों द्वारा 17 राज्यों से 151 विशेष सामाजिक प्रतिभागियों और सामाजिक संस्थाओं का चयन किया गया।
दीदी माॅं ऋतभरा ने सभी सम्मानितजनों को आशीर्वचन करते हुये कहा कि जो दूसरों का जीवन संवारने के लिये कार्य करते हैं परमात्मा उनका जीवन सवांरता देता है । पदम्श्री मोहन स्वरूप भाटिया ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुये करते हुये कहा कि नई पीढ़ी में संस्कारों की पौध रोपने का कार्य महत्वपूर्ण है । कार्यक्रम में रमन आयडियल पब्लिक स्कूल की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दशर्कों का मन मोह लिया । कार्यक्रम की  अध्यक्षता सत्यमेव जयते ट्रस्ट के अशोक गोयल ने की स
इस अवसर पर संस्था संस्थापक राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी, आचार्य श्रीकान्त शास्त्री, अतुल उपाध्याय, महेन्द्र दत्त आचार्य, पं. उदयन शर्मा, विकास पाराशर, कुलदीप लवानिया, गजेन्द्र शर्मा, सत्यमेव जयते ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक गोयल, नरेन्द्र एम. चतुर्वेदी, मफतलाल अग्रवाल, डा. धनंजय तिवारी, मनीष दयाल, अमित चर्तुवेदी, अरूणा सिंह, सीमा यादव, महेश शर्मा एडवोकेट, रविकान्त गोस्वामी, जगदीश वर्मा‘समन्दर’ रामनाथ यादव, विनोद वर्मा, बोधराज सिंह आदि उपस्थित रहे ।

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More