देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोविड शव को ले जा रही एम्बूलेंस का चालक अचानक बेहोश हो गया। हालांकि किसी तरह की कोई दुर्घटना नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने चालक को एम्बूलेंस से निकाला। घटना की सूचना अधिकारियों को दी।
जनपद में कोविड-19 के प्रभारी डा.भूदेव सिंह सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और चालक का हालचाल जाना। एम्बूलेंस चालक पीपीई किट में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित केडी मेडिकल कालेज के कोविड सेंटर से शव को ध्रुव घाट शमशान स्थल को लेकर चला था। रास्ते में एम्बूलेंस जाम में फंस गई। उमस और गर्मी के मौसम में चालक को पीपीई किट में दो घंटे से भी अधिक समय हो गया था। डा.भूदेव सिंह ने बताया कि केडी कोविड सेंटर से धु्रव घाट का रास्ता आधे घंटे से ज्यादा का नहीं है। जाम में फंस जाने से चालक को पीपीई किट में दो घंटे से भी अधिक का समय हो गया था।
इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हुई हैं। एनएच टू पर मंडी चैराहे के समीप भी इसी तहर एम्बूलेंस चालक बेहोश हो गया था। तब अधिकारियों ने कोविड शव को ले जाने वाली एम्बूलेंस में पार्टीशन कर चालक के लिए अलग केबिन बनाने की बात कही गई थी। जिससे एम्बूलेंस चालक पीपीई किट पहने बिना भी एम्बूलेंस को ले जा सके। इस सुझाव पर आगे काम नहीं हुआ।
केडी मेडिकल कालेज से कोविड शव को लेकर एम्बूलेंस चालक चला था। चालक ने पीपीई किट पहन रखी थी। रास्ते में एम्बूलेंस जाम में फंस गई थी। चालक को किट में दो घंटे से अधिक समय हो गया था। उमस और गर्मी के चलते चालक डिहाइड्रेशन का शिकार हो गया। शव को शमशान तक पहुंचा दिया गया है, चालक भी ठीक है। डा.भूदेव सिंह, कोविड-19 प्रभारी













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