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मथुरा : कान्हा की दीवानगी में छोड आई घर बार

मथुरा। ये मीरा नहीं है पर कान्हा की दीवानगी में घर बार छोड कर इटावा से वृंदावन चली आई। हाथों में महंदी और मांग में संदूर देख परिजन भी चकित रहे गये। इटावा की रहने वाली 18 साल की युवती कृष्ण की ऐसी दिवानी हुई कि उसने घर छोड़कर मथुरा की राह पकड़ ली। वो पैदल मथुरा पहुंच गई।

युवती यहां के रास्तों से अनजान थी। टेंपो और बस चालक गोवर्धन के लिए आवाज लगा रहे थे तो गोवर्धन पहुंच गई। 

जब यहां बाजार बंद देखा तो युवती ने वृंदावन की राह पकड़ ली। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास घूमते हुए आश्रम की तलाश करने लगी, लेकिन कोई सहारा न मिला तो फिर मंदिर के पास ही आकर बैठ गई। यहां एक व्यक्ति ने उसे कनकधारा फाउंडेशन की संस्थापक डॉ लक्ष्मी गौतम तक पहुंचाया। 


युवती के परिवार में सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। बीते दिन ही उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बता दें कि युवती के एक नजदीकी रिश्तेदार श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा में तैनात हैं।

डॉ गौतम ने बताया कि परिजन वृंदावन पुलिस की मौजूदगी में युवती को अपने साथ ले गए। वहां से उसे लेकर घर चले गए। युवती की मांग में सिंदूर था, हाथों में भी मेहंदी लगी हुई थी। पैरों में महावर रची थी।

डॉ गौतम ने जब उससे पूछा कि शादीशुदा हो तो बताया कि कान्हा से ब्याह कर लिया है। अब यहीं रहूंगी। बमुश्किल युवती ने अपनी पहचान बताई। इस पर वृंदावन कोतवाली और इटावा पुलिस से संपर्क करने के बाद परिजनों को इसकी सूचना दी गई। 

नारद संवाद

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