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तमिलनाडु में डीएमके नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक प्रगतिशील गठबंधन ने 234 में से 159 विधानसभा सीटें जीती

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले लोकतांत्रिक प्रगतिशील गठबंधन ने 159 सीटें जीती। वहीं, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 75 सीटें जीती हैं। विधानसभा चुनावों में डीएमके को सर्वाधिक 133 सीटें, अन्नाद्रमुक को 66, कांग्रेस को 18 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 4 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इसके अलावा राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) को 2, कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट) यानि सीपीआई(एम) को दो, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को 5 और विदुथलाई चिरूथईगल काची (विचिका) को 4 सीटों पर जीत मिली है। वोट शेयर की बात करें तो राज्य में डीएमके को सर्वाधिक 37.70% वोट मिला है। इसके बाद इस सूची में एआईएडीएमके, कांग्रेस, पीएमके और भाजपा का नाम आता है, जिन्हें इन चुनावों में क्रमशः 33.29%, 4.27% और 3.80% और 2.62% वोट मिले हैं। राज्य में 0.75% वोट नोटा के विकल्प पर डाले गए हैं।

इन सभी चुनावों के परिणाम चुनाव आयोग की वेबसाइट www.results.eci.gov.in/ पर जाकर देख सकते हैं। जानकारी के लिए बात दें, इस बार के चुनाव में राज्य में मुकाबला एम. के. स्टालिन की अगुवाई वाले डीएमके+ गठबंधन का मुकाबला अन्नाद्रमुक से था। इन चुनावों में मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम, राज्य कैबिनेट के कुछ सदस्य, डीएमके प्रमुख स्टालिन, उनके पुत्र उदयनिधि स्टालिन, अभिनेता कमल हसन, अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषगम प्रमुख टीटीवी दिनाकरण, फिल्म अभिनेत्री खुशबू सहित कुल 3,998 उम्मीदवार मैदान में थे। 

राज्य की ये सीटें रहीं चर्चा में

कृष्णागिरी विधानसभा सीट

तमिलनाडु की कृष्णागिरी विधानसभा सबसे चर्चित सीट रही। यहां अन्नाद्रमुक प्रत्याशी के. अशोक कुमार और द्रमुक प्रत्याशी टी. सेनगुट्टुवन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस सीट पर के. अशोक कुमार ने जीत हासिल की। 29वें राउंड तक चली मतगणना वाली इस सीट पर अन्नाद्रमुक प्रत्याशी के अशोक कुमार को कुल 96,050 वोट मिले, जबकि टी. सेनगुट्टुवन को 95,256 वोट मिले। इस सीट पर कुल 1827 वोट नोटा को पड़े। इस सीट पर हार जीत का अंतर 794 वोटों का रहा।

थियागराया विधानसभा सीट

थियागराया विधानसभा सीट पर भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस सीट पर डीएमके प्रत्याशी जे. करूणानिधि ने अन्नाद्रमुक के बी. सत्यानारायण को 137 मतों के अंतर से पराजित किया। इस विधानसभा में करूणानिधि को कुल 56,035 मत मिले, जबकि सत्यानारायण को 55,898 मत मिले।

पूनामल्ली विधानसभा सीट

पूनामल्ली विधानसभा सीट पर डीएमके के ए. कृष्णास्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और पीएमके प्रत्याशी एस राजमननर को 94 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। ए.कृष्णास्वामी को 149,578 मत मिले जबकि राजमननर को 55,468 वोट मिले। 

कोलातूर विधानसभा सीट

इस सीट पर डीएमके प्रमुख ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक प्रत्याशी आदि राजाराम को 70,000 से अधिक मतों से पराजित किया। स्टालिन को कुल 105,522 मत मिले जबकि राजाराम को 35,138 मत मिले।

कोयम्बटूर दक्षिण विधानसभा सीट

कोयम्बटूर दक्षिण विधानसभा सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। यहां भाजपा के वनाथी श्रीनिवासन ने एम.एन.एम. के संस्थापक और अभिनेता कमल हसन को 1728 वोटों से हराया। श्रीनिवासन को कुल 52,627, जबकि कमल हसन को 51087 वोट मिले।

एडप्पादी विधानसभा सीट

एडप्पादी विधानसभा सीट पर अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने अपने निकटतम द्रमुक प्रत्याशी टी. साम्बाथकुमार को 90,000 से अधिक मतों से हराया। 30 राउंड तक चली मतगणना वाली इस सीट पर पलानीस्वामी को 1,60,931 मत मिले जबकि साम्बाथकुमार को 68,082 वोट मिले।

2016 में अन्नाद्रमुक ने जीती थीं 136 सीटें

234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2016 में हुए चुनाव में जयललिता की अगुवाई में एआईएडीएमके ने 136 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि करुणानिधि की अगुवाई वाली डीएमके के खाते में 98 सीटें आई थीं। इसके बाद जयललिता लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनी थीं। इन चुनावों में कांग्रेस को 8 और आईयूएमएल को 1 सीट पर जीत हासिल हुई थी। 

तमिलनाडु विधानसभा के बारे में महत्वपूर्ण बातें

तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का रहता है। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में कुल 6,27,47,653 मतदाता हैं। इनमें से 3,09,95,440 करोड़ पुरुष और 3,19,40,880 महिला और 7,192 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। इसके अलावा राज्य में 72,853 सर्विस वोटर भी हैं।

बताना चाहेंगे, राज्य में इस बार एक चरण में चुनाव आयोजित हुए थे। राज्य का यह 16वां विधानसभा चुनाव था। राज्य में सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड करुणानिधि के नाम है, वह सर्वाधिक 8 वर्ष तक राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। तमिलनाडु की राजनीति में करुणानिधि एकमात्र ऐसा नाम है जो एक साथ अलग-अलग विधानसभा सीटों से चुनाव जीत चुके हैं। उनके बाद इस सूची में के. अन्बाळगन हैं, जिन्होंने पांच अलग-अलग सीटों से चुनाव जीते थे।

जानकारी के लिए बता दें, 5 दिसंबर 2016 को जयललिता का निधन हो गया था। बाद में ओ. पन्नीरसेल्वम मुख्यमंत्री बने, लेकिन वो ज्यादा दिनों तक सीएम नहीं रहे। उनके बाद ई. पलानीसामी सीएम बने और पन्नीरसेल्वम डिप्टी सीएम बनाए गए।

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