देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। एसआईटी और दूसरी ऐजेंसियों की जांच में फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के दोषी पाये गये शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी भी सुुनिश्चित होगी। दूसरी ओर शिक्षक भर्ती घोटाले से अकूत संपित्ति जुटा चुके लोगो की संपित्त भी कुर्क की जा रही है। शनिवार को मांट थाने पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा ने फर्जी प्रमाण पत्रों पर पिछले कई सालों से जिले के परिषदीय स्कूलों में अध्यापन का कार्य कर रहे दो शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट एवं सत्यापन के बाद इनकी शैक्षिक अभिलेख कूट रचित ढंघ्ग से तैयार किए गए थे।
बीएसए ने दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करते हुए गोवर्धन को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी गोवर्धन को लिखे पत्र के अनुसार एसआईटी जांच में नौकरी हेतु दाखिल अभिलेखों को फर्जी पाया गया।
बीएसए संजय सिंह ने विवेक कुमार सिंह पुत्र मलखान सिंह सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय देवसेरस विकासखंड गोवर्धन व नीलम चैहान पत्नी विवेक कुमार सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर विकासखंड गोवर्धन को बर्खास्त कर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है यह दोनों ही पति-पत्नी जनपद हाथरस के रहने वाले हैं। सूत्रों की मानें तो जिले में परिषदीय विद्यालयों के 32 शिक्षकों के पाए गए हैं।
इन सभी को एसआईटी टीम की रिपोर्ट के आधार पर विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है और इन सभी फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध जनपद के विभिन्न थानो में धोखाधड़ी का केस दर्ज भी कराने की सूचना मिल रही हैं।













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