देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाॅकडाउन को लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। यहां तक इलाहाबाद हाईकोर्ट भी इस में हस्तक्षेप कर चुका है। सरकार ने कोर्ट में खुद यह दलील दी है कि इस तरह की कोई स्टडी सामने नहीं आयी है जिससे यह कहा जा सके कि लाॅकडउन से कोरोना की चेन टूटती है। सवाल यह उठ रहा है कि एक या दो दिन का साप्ताहिक लाकडाउन कोरोना के प्रकोप को रोकने में कितना कारगर साबित हो रहा है। कोरोना की दूसरी लहर मंे एक दिन का पहला साप्ताहिक लाॅकडाउन 18 अप्रैल को हुआ था। यह 35 घंटे की घर बंदी थी। 24 और 25 अप्रैल को दो दिवसीय लाॅकडाउन रहा। इसके बाद सब कुछ पूरी तरह से खोल दिया गया। शनिवार और रविवार के लाॅकडाउन के बाद सोमवार को लेकर हुजूम मंे घरों से निकल पडे। साप्ताहिक बाजार भी लग रहे हैं। चुनाव अभियान भी चल रहा है। अब देखते हैं कि आंकडे क्या कहते हैं। 18 से 27 अप्रैल तक बीते 10 दिन में तीन दिन घर बंदी के रहे हैं। जबकि चार दिन ऐसे रहे हैं जिनमें कोरोना मरीजों की संख्या 24 घंटे में 450 या उससे अधिक रही हैं। 10 दिन के अंदर कुल 3859 कोरोना मरीज जनपद में सामने आये हैं। यानी करीब 386 कोरोना मरीज प्रतिदिन। 27 अप्रैल को मथुरा में कोरोना के अब तक के सबसे ज्यादा कोरोना मरीज सामने आये हैं। पहली बार जनपद में किसी एक दिन में 500 या इससे अधिक कोरोना मरीज 24 घंटे में दर्ज किये गये। 27 अप्रैल को 521 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। हालांकि 23 अप्रैल को 490 कोरोना मरीज सामने आ चुके थे। यह भी अपने आप मंे रिकार्ड था। 26 अप्रैल को यह आंकडा 450 रहा था। साप्ताहिक घर बंदी लागू होने के बाद भी कोरोना के मरीज रिकार्ड संख्या में सामने आ रहे हैं।
10 दिन में यह रही कोरोना की रफ्तार
27 अप्रैल को 521, 26 अप्रैल को 450, 25 अप्रैल को 349, 24 अप्रैल को 192, 23 अप्रैल को 490, 22 अप्रैल को 372, 21 अप्रैल को 367, 20 अप्रैल को 304, 19 अप्रैल को 454 तथा 18 अप्रैल को 360 कोरोना मरीज मुख्य जिला चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सामने आये।
पानी गांव के एक ही मौहल्ला में 21 कोरोना मरीज मिले
कोरोना संक्रमण देहात में तेजी से फैलता जा रहा है। अभी भी जागरूकता के नाम पर गांवों में कुछ नहीं हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक डा.विकास जैन ने बताया कि पानी गांव में एक ही मौहल्ला में 21 कोरोना मरीज मिले हैं। जबकि जावरा में तीन, सुदामागढी में दो और मांट मूला मंे दो कोरोना मरीज सामने आये हैं। हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं फिर भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। लोग कोरोना की जांच कराने और टीकाकरण में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। सोमवार को जावरा में एक टीम को कोरोना जांच के लिए भेजा गया था। वहां लोगांे ने रूचि नहीं दिखाई। फोटो-27 यूपीएच मथुरा













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