देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना पूरे उत्तर प्रदेश में मथुरा में सर्वाधिक प्रदूषित है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की जनवरी से अगस्त तक की रिपोर्ट से यह स्थिति सामने आई है। यमुना मैया का मंदिर विश्राम घाट पर है।
यहां प्रतिदिन आरती होती है। गोकुल में भी आरती होती है। यमुना के प्रति लोगों की यहां विशेष श्रद्धा है। यमुना शुद्धिकरण के लिए जितने आंदोलन मथुरा में हुए शायद ही कहीं हुए होंगे। मथुरा से उठी आवाज दिल्ली तक पहुंची लेकिन यमुना और मैली होती गई।
यहां नदी में सीधे गिरते नालों की वजह से टोटल कॉलिफार्म (मानव व जीव अपशिष्ट) की मात्रा अधिक है। यूपीपीसीबी द्वारा प्रतिमाह दो बार यमुना जल की सैंपलिंग की जाती है।
यूपीपीसीबी की वेबसाइट पर नोएडा से प्रयागराज तक 20 सैंपलिंग प्वॉइंट की जनवरी से अगस्त तक की माहवार और औसत के आधार पर रिपोर्ट जारी की गई है। औसत के आधार पर देखें तो मथुरा की डाउन स्ट्रीम में टोटल कॉलिफार्म की मात्रा 101750 मोस्ट प्रोबेबल नंबर प्रति 100 मिलीलिटर दर्ज की गई।













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