देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लठामार होली से ठीक पहले हुए एक घटनाक्रम ने नंदगांव और बरसाना के गोस्वमाी समाज को नारोज कर दिया है। दोनों गांवों के गोस्वामियों ने बैठक कर लठामार होली के बहिष्कार की धमकी तक दे डाली है। दोनों गांवों के गोस्वामी समाज में नाराजगी सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक आमंत्रण पत्र को लेकर है। गोस्वामी समाज चाहता है कि इस आमंत्रण पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल करन वाले व्यक्ति और इस के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाये।
व्यक्ति का पुलिस के नाम लिखा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बरसाना एवं नन्दगांव के सेवायतों ने श्रीजी मंदिर में बैठक की। जिसमें विवादित पत्र को लेकर सेवायतों ने आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस प्रशासन से मांग की है। व्यक्ति पर कार्यवाही न होने पर सेवायतों ने लठामार होली को प्रतीकात्मक रूप से मंदिर में ही मनाने की चेतावनी दी है। विगत कई दिनों से सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति के नाम से एक पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें मंदिर के सेवायतों से अलग एक निजी स्थान पर होली का आयोजन कराने और आयोजन के स्वरुप को बड़े स्तर पर करने की मांग पुलिस से की गई है। इस वायरल शिकायती पत्र को लेकर गोस्वामी समाज में रोष व्याप्त है। इस पत्र के आने क बाद बरसाना और नन्दगांव के गोस्वामी समाज के लोगों ने श्रीजी मंदिर में पंचायत की। पंचायत में गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसी गोस्वामी ने पंचायत में सर्वसम्मति निर्णय लिया कि सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। समाज ने पत्र लिखकर आरोप लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही कमांग पुलिस प्रशासन से की है। पंचायत में सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन ने हर वर्ष मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाले युवक के खिलाफ कार्यवाही नहीं कि तो 23 मार्च को होने वाली लठामार होली का बहिष्कार किया जाएगा।
इस मौके पर मंत्री गोस्वामी, श्याम गोस्वामी, बाबूलाल गोस्वामी, मुकेश गोस्वामी, शिवशंकर गोस्वामी, नन्दगांव से रमेश गोस्वामी, बिजन गोस्वामी, ताराचंद गोस्वामी, आचार्य हरिमोहन गोस्वामी, भुवनेश गोस्वामी, गौरव गोस्वामी मौजूद रहे। थाना प्रभारी आजाद पाल सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति शिकायत लेकर थाने आया था। उसको स्पष्ट कह दिया है कि होली के परम्परागत के स्वरुप से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। किसी भी सूरत में नई परिपाटी को शुरू नहीं होने दिया जाएगा।













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