BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

दो वक्त का भोजन मिल जाएँ...?

आज अभी थोड़ी देर पहले मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के मजदूर बालकृष्ण का फ़ोन आया उसने बताया कल सुबह हम निकल लिए थे...सुन के अच्छा लगा... अपने घर पहुंचा...पर पहुंचा कैसे ये पूछा तो बताया की हाईवे होकर ग्वालियर रोड पकड़ा 20 किलोमीटर के बाद एक ट्रक मिला....जिसने हमे हमारे गंतव्य पर पहुंचा दिया...जाने से खुश था...पर कहा आगये...यहाँ भी हम भूखें ही है...में समझा  नहीं था वो क्या कहना चाहता था.....पर कुछ पल सोचा क्या बोला इसने...तो पूछ बैठा कैसे है सब.... आपको बताना भूल गया की वो मथुरा में पिछले 12 साल से मजदूरी करता था....जब वो मिला था 14 लोग थे मथुरा स्टेशन की पटरी पे चलते हुए....बता रहा था 8 पहुंचे और वाकी मथुरा में है....पूछा तो बताया की स्थानीय थाने में हमने सूचना दे दी थी तो उन्होंने यही बैठा के रखा है... अभी 6 घंटे हो गए न कोई जाँच हुयी न हमसे कुछ कहा गया....एक बात तो है कुछ लोग पावर का गलत इस्तमाल भी करते है....वो इंसानियत को भी भूल जाते है....खेर बात हो रही बालकृष्ण की घर पहुँचने से पहले भी घर नहीं पहुंचा...कारण सेफ्टी वो भी जरुरी है........अब बात करते है यहाँ भी भूख वहां भी भूख क्योकि हम यहाँ से इसलिए गएँ थे की दो वक्त का भोजन मिल जाएँ...पर आज वही आगये यहाँ पहले कुछ नहीं बदला न अब....अब ही आस ही है की ये महामारी ख़त्म हो जाये तो वापस मथुरा आजायें....आज तक यहाँ कुछ नहीं हो पाया सरकारें आती जाती रही पर किसी ने कुछ नहीं किया...एक मजदूर बालकृष्ण का दर्द जो आज भी उसकी आँखों में रहता है....?

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More