देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। बसंत पंचमी से शुरू हो रहे संत समागम मेला बेहद नजदीक है। 14 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मेला का शुभारम्भ करेंगे। यमुना की रेती पर तंबुओं का शहर बस रहा है। तमाम तैयारियों को अंतिमरूप दिया जा रहा है।
इस पूरी कवायद के बीच ब्रजवासियों के साथ दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुआंे का मन अभी भी खट्टा है। यमुना में प्रवाहित हो रहा पानी बेहद दूषित है। आचमन तो दूर लोग छूने तक से परहेज करते हैं।
समाजसेवी ताराचंद गोस्वामी ने यमुना प्रदूषण के प्रति रोष जताते हुए यमुना की रेती से स्नान किया। ताराचंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले मंडलायुक्त आये थे। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने मडलायुक्त को आरओ का पानी पिलाया था और कहा था कि यमुना का पानी इतना निर्माल और शुद्ध हो चुका है। धरातल पर करोडों रूपये का घोटाला कर रहे हैं।
उन अधिकारियों पर कार्रवाही होनी चाहिए। दोषियों के विरूद्ध कार्रवाही होनी चाहिए। सरकार भक्तों की आस्था का खयाल रखते हुए यमुना में गंगाजल की सप्लाई जल्द से जल्द देनी चाहिए। इस दौरान डा. संतोष बाबा, शिव शंकर दास, मानस ब्रह्मचारी, कपिल देव उपाध्याय, चैतन्य शर्मा, लोकेश वर्मा, मनोज शर्मा, लोकेश पचैरी, मुकेश प्रधन अदि मौजूद रहे।













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