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विद्युत विभाग को हादसे का इंतजार

मथुरा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निवास स्थान राधावैली के सामने स्थित काॅलोनी में बिजली विभाग की लापरवाही से एक 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। लोगों का कहना था कि वह लगातार विभाग को अवगत करा रहे थे कि अंडर ग्राउण्ड तारों में करंट आ रहा है।

विभाग ने सुनी नहीं और हादसा हो गया। इस पर विभागीय अधिकारियों ने वह सब कह दिया जिसे वह हर हादसे के बाद कहते रहे हैं। उन्हें किसी ने किसी तरह की शिकायत नहीं की। यहां तक कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी जांच के बाद  कार्रवाही की बात कह कर मामले को चलताउ कर दिया।


  अब गोकुल नगर पंचायत के चेयरमैन संजय दीक्षित ने गोकुल की गलियों में लोगों के सिर तक लटक रहे तारों का मुद्दा उठाया है। संजय दीक्षित का कहना है कि मंदिरों को जाने वाले रास्तों में बिजली के तार इतने नीचे तक लटके हुए हैं कि वह किसी के सिर से छू जाएंगे।

अगर यात्री को ध्यान नहीं रहे और वह उपर की ओर हाथ कर दे तो उसे करंट लग सकता है। संजय दीक्षित ने बताया कि वह कई बार इस ओर विभाग का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं लेकिन किसी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शायद यहां भी कार्रवाही के लिए विभाग किसी हादसे का इंतजार कर रहा है।  

विद्युत करंट से दो दिन में दूसरी मौत


विद्युत करंट से लगातार दूसरे दिन मौत, दो दिन में दो की मौत से लोगा सकते हैं। शनिवार को बल्देव क्षेत्र के गांव मडोरा में ईंट उद्योग प्लांट पर मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। मजदूर और परिजनों का आरोप है कि प्लांट मालिक की गलती से मजदूर बेताल की मौत हुई है। प्लांट मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर मजदूर के परिजनों और साथी मजदूरों ने बल्देव थाने पर हंगामा काटा।

नारद संवाद

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