देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना के असल खतरे की ओर से जिम्मेदारों ने अभी भी आंख मूंद रखी हैं। जिला प्रशासन ने अभी भी अपना पूरा ध्यान शहरी क्षेत्रों पर लगा रखा है जबकि असल खतरा अब देहात क्षेत्र में है। वह जरूरी कदम जिला प्रशासन अभी भी नहीं उठा रहा है जिससे इस खतरे को कम किया जा सके। अभी भी हाॅटस्पाॅट सहित शहर के दूसरे क्षेत्रों में कम करने के बाद बडी संख्या में कर्मचारी देहात क्षेत्रों में वापस चले जाते हैं। इन कर्मचारियों में नगर निगम, होमगार्ड, बिजली विभाग के अलावा वह दूधिया और दूसरे लोग हैं जो हाॅटस्पाॅट में दिन भर रहते हैं। इनकी स्केनिंग भी नहीं हो रही है। ये लोग देहात क्षेत्र में ठीक उसी तरह कोरोना के वाहक बन सकते हैं जिस तरह से आगरा और दूसरे प्रभावित क्षेत्रों से लोग शहर में यह सब करते रहे और अब नतीजा सबके सामने है। कई ग्राम प्रधान भी इस पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं, और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन इस दिशा में कोई कारगर कदम अभी तक नहीं उठाया जा सका है।
कई गावों में कराया सेनेटाइजेशन
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अजय परखम ने गांव मुस्तफाबाद व मीरपुर जमालपुर परखम में गलियों को अपनी मौजूदगी में सेनेटाइज कराया। डाकघर, बैंक, स्वास्थ केन्द्र को भी सेनेटाज किया गया। अजय ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन को अवगत कराया और गांव में व सार्वजनिक स्थल व बैंक आदि पर सेनेटाइजेशन करने की मांग से अधिकारियों को अवगत कराया गया। फरह ब्लाक के अधिकारियों व कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से गांवों को सेनेटाज कराने की बात मान ली।













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