BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

2 जी घोटाला मामला : आज तय होगी राजा और कनिमोझी की किस्मत

2 जी घोटाला मामला : आज तय होगी राजा और कनिमोझी की किस्मतनई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष अदालत आज मुख्य आरोपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी पर अपना फैसला सुनाएगी। यूपीए सरकार के दौरान 2जी स्पेक्ट्रम के आंवटन में हुए घोटाले ने सरकार को हिला कर रख दिया था। गुरुवार को इसी केस में सीबीआई और ईडी की जांच और सुनवाई के बाद स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी फैसला सुनाएंगे।

 

दिल्ली की विशेष अदालत ने 2 जी स्पेक्ट्रम केस के सभी प्रमुख आरोपियों और इससे जुड़े लोगों को फैसला सुनाए जाने के वक्त कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि इस मामले में सुनवाई 6 साल पहले शुरू हुई थी। 2011 में स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद कोर्ट ने 17 आरोपियों को शुरुआती दोषी मानते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी।

 

2 जी घोटाले से जुड़े कई केस में से एक पर गुरुवार को विशेष अदालत अपना फैसला सुनाएगी। इस केस में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रविकांत रुइया, अंशुमान रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान उनके पति आई पी खेतान और एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास सरफ मुख्य आरोपी हैं। 2 जी घोटाले में जब सीबीआई ने पहला केस दर्ज किया था तो उसमें ए राजा और कनिमोझी को टेलीकाम सचिव रहे सिद्धार्थ बेहुरा, डी राजा के निजी सचिव रहे आरके चंदौलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक लिमिटेड के एमडी संजय चंद्रा और रिलायंस ग्रुप के गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपरा और हरी नायर को मुख्य आरोपी बनाया था। इस सभी को ट्रायल का सामना करना पड़ा था।

 

30 हजार 984 करोड़ रुपये का हुआ था घोटाला-

अक्टूबर साल 2011 में कोर्ट ने इन कंपनियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में भ्रष्टाचार अधिनियम और रोकथाम के तहत धाखाधड़ी, जालसाजी, नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल, सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने और रिश्वत लेने से लेकर आपराधिक साजिश रचने तक के मामले में आरोप तय कर दिए थे।

 

अप्रैल 2011 में सीबीआई ने जो चार्जशीट फाइल की थी उसमें ए राजा समेत अन्य आरोपियों पर 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंसों के आवंटन में 30 हजार 984 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद 2 फरवरी 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने इस सभी आवंटन और लाइसेंस को पूरी तरह रद्द कर दिया था। सीबीआई के चार्जशीट में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर, लूप टेलीकॉम और सर्राफ, लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप मोबाइल इंडिया, और एस्सार टेली होल्डिंग को भी मुख्य आरोपी बनाया गया था।

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More