देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। जब काम को डेड लाइन पर आनन फानन में निपटनाया जाएगा तो तबाही तो मचेगी। हर साल सिंचाई विभाग जानबूझ कर रजवाह और अल्पिकाओं के साफाई कार्य को आखिरी दिनों तक लटकाता है। इसके बाद आनन फानन में डेड लाइन तक काम को पूरा करने के निर्देश दिये ठेकेदारों को दे दिये जाते जाते हैं। जितना काम एक महीने में नहीं होता उतना काम अखिरी सप्ताह में पूरा किया जाता है। इधर प्रयोजित ढंग से कुछ छोटे मोटे किसानों को ज्ञापन लेकर जिलाधिकारी कार्यालय भेज दिया जाता है और किसान मांग करते हैं कि रवि की फसल के लिए पानी के बेहद जरूरत है। रजवाह में पानी नहीं आने से रवि की फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। किसानों की जरूरत को आधार बना कर अधिकारी रजवाह और माइनरों में आधी अधूरी सपफाई के बावजूद पानी छोडने का आदेश दे देते हैं। इसके बाद हर साल जगह जगह मइनर और अल्पिकओं के टूटने से हजारों बीघा किसानों की रवि की फसल नष्ट होती है। इसका कोई मुआवजा कभी किसानों को नहीं मिलता। किसानों का यह नुक्शान उस कमीशन से कहीं ज्यादा होता है, जिसका बंदरबांट किया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी यही कहानी दुहराई जा रही है। 6 दिन का समय बचा है। अभी आधा काम भी ठेकेदार कर नहीं सके हैं। मांट ब्रांच गंग नहर से अधिक पानी छोड़े जाने से माइनर ओवरफ्लो हो गई। गांव सौर गुद्दर, भूतिया, चैकड़ा, धौरी कुटी सहित छह से अधिक गांवों के किसानों की 500 एकड़ खेतों में कटी और पकी खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई।
नहीं मिलता सर्वे के लिए समय
सपफाई कार्य कैसा हुआ इस बात का सर्वे किया जाता है। सर्वे रिपोर्ट ठीक पाये जाने पर ही सिंचाई विभाग के ठेकेदारों का भुगतान सुनिश्चित होता है। काम को आखिरी दिनों में किसी तरह निपटाने के मौखिक आदेशों के बाद इस सर्वे के लिए समय ही नहीं मिलता है। दफ्तर में बैठकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर लगा दी जाती हैं।
जेसीबी ने बिगाड दी इरीगेशन सिस्टम की शक्ल
जब से रजवाह और रजवाह और अल्पिकाओं की सफाई के लिए जेसीबी का उपयोग शुरू हुआ है। पूरे इरीगेशन सिस्टम की शक्ल ही बिगड गई है। रजवाह और अल्पिकाओं की पटरियां बेहद कमजोर हो गई हैं। जेसीबी से कायदे से रजवाह की खुदाई की जाती है जिसे अधिकारी सफाई का नाम दे देते हैं।
सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष भी मिला रहे सुर में सुर
सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने भी विभाग के काम को निरीक्षण के बाद क्लिीनचिट दे दी। जबकि उन्हें निरीक्षण के दौरान यह स्थिति खुद देखने को मिली कि रजवाह और अल्पिकाओं की बीच बीच में सफाई की गई है। पुलों के आसपास सफाई नहीं की गई है। बीच बीच में रखपतवार पहले जैसा ही खडा है। यहां तक कि सिल्ट सफाई व्यवस्था को सिंचाई बंधु ने पहले से बेहतर बताया है।
इन रजवाह, अल्पिकाओं का किया निरीक्षण
सिंचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने फरह रजवाह, पिंगरी माइनर, महुन माइनर, बरारी रजवाह, कीठम माइनर, परखम जमालपुर माइनर, थीरावली माइनर, भाई माइनर, धना तेजा माइनर, लतीफपुर माइनर आदि का निरीक्षण किया।













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