देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। समान काम, समान वेतन, समान पदोन्नति नहीं मिलने से नाराज चल रहे ग्राम पचांयत और ग्राम विकास अधिकारियों ने एक बार फिर सरकार से उनकी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। ग्राम विकास अधिकारी अथवा ग्राम पंचायत अधिकारी की शैक्षिक योग्ता को दूसरे कई राज्यों की तरह स्नातक करने और समय से पदोन्नति दिये जाने के अलावा पदोन्नत पदों पर सीधी भर्ती की बजाय तीन प्रतिशत कर्मचारियों कोटा पदोन्नति से भरे जाने का प्रवाधन किये जाने जैसी मांगों को लेकर लम्बे समय से ग्राम पंचायत अधिकारी अथवा ग्राम पंचायत सचिव के पद पर काम कर रहे कर्मचारी आंदोलनरत हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी -ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति की मथ्ुारा इकई ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम वित्तर एवं राजस्व को सौंपा।
समिति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि इन मांगों को लेकर लगातार आंदालन और ज्ञानप दिये गये हैं। इसी आंदोलन को गति देने के लिए समिति का गठन किया गया था। समिति की संस्तुतियां शासन स्तर पर विचाराधीन हैं।
उन्होंने कहाकि जो काम और जिम्मेदारी हमें दी गई है वह बेहद महत्वपूर्ण है। जबकि हमसे कहीं कम जिम्मेदारी के काम कर रहे दूसरे कर्मचारियों को हमसे बहतर सुविधाएं, वेतन और पदोन्नति के अवसर मिल रहे हैं। यह हमारे साथ सरासर नाइंसाफी है। इसी के लिये संगठन लडाई लड रहा है। हमारी मांग सुविधा की नहीं हक की है। समान काम के लिए समान वेतन की मांग करना हमारा हक है। हम चाहते हैं कि विभाग में सीधी भती के सापेक्ष पदोन्नत पद कम से कम तीस प्रतिशत किये जाएं। दस वर्ष पर पहली पदोन्नति, 16 वर्ष पर दूसरी तथा 26 वर्ष पर तीसरी पदोन्नति प्रदान की जाये। समय से पदोन्नति नहीं दे पाने की स्थिति में पदोन्नत का वेतनमान समय से लगया जाए।
समिति के मंत्री राजेन्द्र कुमार का कहना था कि ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायती राज विभाग) और ग्राम विकास अधिकारी (ग्राम विकास विभाग) दोनों संवर्ग ग्राम पंचायत के सचिव हैं। सचिव ग्राम पंचायत को वित्तीय आहरण-वितरण का अधिकार प्राप्त है। हो कार्य सचिव ग्राम पंचायत को करने होते हैं वह सभी अधिकारी राजपत्र घोषित हैं एवं गे्रड वेतन 46 सौ रूपये है। जिन आहरण वितरण के अधीन प्रतिवर्ष 15 लाख रूपये से अधिक का काम है उसके अधीन अभिलेख संबंधी कार्य की सुगमता के लिए सहायक लेखाकार तैनात हैं। छटे वेतन आयोग के अनुशार वेतनमान 5200-20200 ग्रेड वेतन 2800 रूपये है। सातवें वेतन आयोग की गैट्रिक्स के हिसाब से 29200 रूपये वेतन सहायक लेखाकार को प्रदान किया जा सकता है। जो छटे वेतन आयोग के गठन के समय 1900 गे्रड वेतन एवं शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट के कर्मचारी थे। राजस्थान, केरल आदि राज्यों में ग्राम पंचायत राज्य अधिकारी या सचिव की शैक्षिक योग्यता स्नातक और ग्रेड वेतन बीस हजार से अधिक है। इतना ही नहीं 2001 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बने उत्तर खण्ड मंे भी जो हमारी नियमावली से ही भर्ती हुए थे की शैक्षिक योग्यता स्नातक विज्ञान, कृषि एवं कामर्स की जा चुकी है। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी लेख संवर्क के कर्मचारियों की तुलना में कहीं ज्यादा, जिम्मेदारी वाला कार्य कर रहे हैं लेकिन उनके वेतन आदि की सुविधांए इनकी तुलना मंे बेहद कम हैं।













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