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MATHURA : मुड़िया मेला पर कोरोना पड़ा भारी

मथुरा। गोवर्धन में हर वर्ष लगने वाला मुड़िया मेला इस बार कोरोना की भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है । हर वर्ष लाखों की तादात में देश विदेश से गुरु भक्त गोवर्धन परिक्रमा को पहुंचते  हैं और परिक्रमा कर पूर्णमा के दिन अपने आराध्य गुरु देव की पूजा अर्चना करते हैं। इसी दिन हजारों वर्षों से चली आ रही गुरु शिष्य परम्परा को निभाते हुए मुड़िया संत अपने अपने सर मुड़वा कर मुड़िया यात्रा निकालते है ।

वहीँ सात दिन तक चलने वाले इस मेले से जहां सरकार को रोडवेज रेल आदि से करोड़ों की कमाई होती है तो वहीं सात कोश में फैली परिक्रमा से स्थानीय निवासी चाय, पानी और प्रसाद की दुकान लगा कर हजारों की कमाई करते है।


जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए मशक्कत शुरू कर दी है कि मेला लगेगा अथवा नहीं। इस पर सभी पक्षों से विचार विमर्श किया जा रहा है। सभी पक्षों से लिखित में सुझाव मांगे जा रहे हैं जिससे रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन उपर भेज सके। हालांकि गोवर्धनवसियों की इच्छा अभी तक यही है कि मुडिया मेला को इस आयोजित नहीं किया जाए।  


राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने की तैयारियों की रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाएगी। मेला को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने मशक्कत शुरू कर दी है।


बैठक में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजू लाला ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी में गोवर्धन में लगने वाले आठ दिवसीय मुड़िया मेला पर रोक लगनी चाहिए। मेला में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु परिक्रमा व दर्शन करने आते हैं इसके कारण बीमारी फैलने का डर रहेगा। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी जितेंद्र कुमार, मुड़िया संत गोपाल दास, विशंबर दास, पंचायत अध्यक्ष खेमचंद शर्मा, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजू लाला, जिलामंत्री लक्ष्मण ठाकुर, लेखपाल गौरी शंकर शर्मा आदि थे।


एसडीएम ने संतों के साथ बैठक की मुडिया संतों का मत इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुडिया संतों से सबसे पहले उनका पक्ष जिला प्रशासन जानना चाहता है। एक तरह से मुडिया मेला मुडिया संतों की निगरानी में ही होता है। एसडीएम ने बताया कि मुड़िया मेला को रोकने के लिए कोरोना जैसी महामारी के दृष्टिगत पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जा रही है। इसके लिए मुड़िया संतों के साथ-साथ मठ-पीठों के आचार्य, साधु-संत व व्यापार मंडल आदि से लिखित में सुझाव मांगे हैं।

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