देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना का खौफ देवालय से विद्यालय तक पसर गया है। शिक्षण संस्थाओं को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। वहीं धर्म नगरी के देवालयों मेंहोने वाली सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। तीर्थ यात्रियों का आवागमन भी कम हुआ है। दूसरी ओर खुद मंदिर प्रबंधन आस्थावान श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि मंदिर न आएं। जिन लोगों की तबियत ठीक नहीं है या वह किसी तरह से बीमार हैं वह मंदिर आने से ज्यादा परहेज करें। मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान और द्वारिकाधीश आदि मंदिरों में बाकायदा इस तरह के बैनर पोस्टर लगा दिये गये हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बालभोग वितरण एवं भंडारा आदि अग्रिम निर्देश तक स्थगित कर दिए गए हैं। केशव देव मंदिर में साउंड सिस्टम पर भजन कीर्तन चलते रहेंगे। अखंड संकीर्तन कक्ष में दर्शनर्थियों का प्रवेश तत्काल बंद कर दिया गया है। मंदिर में सभी पुजारी और कर्मचारी मास्क का प्रयोग करेंगे और भीड़ से यथासंभव बचेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बालभोग वितरण एवं भंडारा, केशवदेव मंदिर में सुबह और शाम का कीर्तन स्थगित कर दिया गया है। अखंड संकीर्तन कक्ष में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। गुफा झांकी भी बंद कर दी गई है। यह गाइडलाइन मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवासंस्थान ने जारी की हैं। मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों से सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार मंदिर के पुजारी और कर्मचारी अग्रिम निर्देश तक मंदिर परिसर से बाहर अतिआवश्यक होने पर ही जाएंगे। श्रद्धालुओं से एक मीटर की दूरी बना कर रखने और किसी भी व्यक्तिगत पूजा कथा आदि में सम्मिलित न होने को कहा है। किसी भी भक्त से सीधे माला या अन्य कोई सामग्री स्वीकार न करने तथा इसके लिए एक टोकरी रखने एवं भक्तों से पुष्प टोकरी में अर्पित करने का आग्रह करने के निर्देश हैं।
लगाया जा रहा कीटाणु नाशक पौंछा
मंदिर परिसर में कीटाणु नाशक द्रव्य से पोंछा और साफ-सफाई करने, गेस्ट हाउस में कमरे देते समय विशेष सावधानी बरतने, किसी का स्वास्थ खराब होने पर तुरंत अधिकृत डॉक्टर के पास जाने का आग्रह करने के निर्देश हैं।
कोरोना की दहशत से सर्राफा मार्केट धड़ाम
सराफा कारोबारी अजय कुमार अग्रवाल के मुताबिक कोरोना के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रुख होने के साथ ही सर्राफा बाजार भी जबरदस्त गिरावट में आ गया है । चांदी के भाव में 12000 प्रति किलो की गिरावट पिछले एक सप्ताह में दर्ज हुई है वहीं सोने के भाव भी एक सप्ताह में 4000 प्रति 10 ग्राम की जबरदस्त गिरावट दिखा रहे हैं सर्राफा मार्केट के बड़े-बड़े दिग्गजों को इसका अनुमान तक नहीं था कि बाजार का रुख इस तरह गिरावट में आ जाएगा। एक ओर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट हुई है उसके मद्देनजर ही सर्राफा बाजार में गिरावट का कारण माना जा रहा है कुल मिलाकर वैश्विक स्तर पर जो कोरोना का डर बाजार पर छाया हुआ है उसने भारतीय सर्राफा बाजार को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। फिलहाल सर्राफा मार्केट की यही स्थिति है।













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