देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। किसी भी सरकारी महकमे में किसी कर्मचारी के फंसते ही यूनियन सक्रिय हो जाती हंै। हडताल, धरना प्रदर्षन होते हैं और मामले को रफादफा कर दिया जाता है। प्राइवेट सैक्टर की संगठित इकाईयों की यूनियन भी इतनी मजबूत हैं कि उनसे लडना आम आदमी क्या, खास आमदमी के लिए भी मुमकिन नहीं रह गया है। चिकित्सकों की संस्था आईएमए भी उतनी ही ताकतवर है। जानलेवा अस्पताल, लापरवाह सिस्टम, कदम कदम पर मानकों का उल्लंघन, अप्रशिक्षित स्टाफ इसके बाद भी किसी की हिमाकत नहीं कि वह इस सिस्टम पर उंगली उठा सके।
20 सितम्बर को हाइवे स्थित सिटी अस्पताल में भर्ती एक किशोरी ने अस्पताल के एक कम्पाउण्डर पर योन शोषण का अरोप लगाया था। थाना हाइवे में कम्पाउण्डर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ। पीडिता के भाई ने कम्पाउण्डर पर आरोप लगाया था कि उसकी बहन के साथ कम्पाउण्डर ने बलात्कार किया है। जब वह मौके पर पहुंचा तो कम्पाउण्डर और नर्स भागने लगे। जब पकडने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आईएमए सक्रिय हुआ। अधिकारियों के सुर भी बदल गये। मामला उलट गया और जिसने षिकायत की रिपोर्ट दर्ज कराई उसी को लेने के देने पड गये। पीडिता के भाई पर 182 (झूठा मुकदमा दर्ज) की कार्यवाही कर दी गई।
20 सितम्बर को नर्सिंगहोम में महिला की मौत हो गई। मृतक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि यह अस्पताल की लापरवाही का नतीजा है। परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस भी मौके पर पहुंची। आईएमए की बैठक गोपीकृष्ण नर्सिंग होम में हुई। इसके बाद महिला के पति भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री धीरज शर्मा और उसके परिजनों के खिलार्फ रिपोर्ट दर्ज हो गई। पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिष दे रही है। लोग न्याय के लिए कैंडिल मार्च निकाल रहे हैं लेकिन जो होना था सो हो गया।
आगरा के मंडी समिति स्थित हॉस्पिटल में बुधवार शाम को प्रसव के बाद प्रसूता याशी शर्मा (24) की हालत बिगड़ गई। दूसरे हॉस्पिटल में ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि उपचार डॉक्टरों ने नहीं, कंपाउंडर ने किया। हंगामा होते ही स्टाफ और डॉक्टर भाग गए। इसकी जानकारी पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम आ गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल में लापरवाही मिलने पर सील लगा दी। राया, मथुरा निवासी विपिन शर्मा एक होटल में कर्मचारी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की बैठक गोपीकृष्ण नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद हुए हंगामे और सिटी हॉस्पिटल के कंपाउंडर सहित चिकित्सकों पर दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराए जाने की निंदा की गई। आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने कहा कि अगर यही हालात रहे तो अस्पताल चलाना मुश्किल हो जाएगा। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. शशांक माहेश्वरी ने कहा कि आईएमए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग करता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग होम में हुए हंगामे और डाक्टरों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ पुलिस को मुकदमा दर्ज करना चाहिए।













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