देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पटना। बुधवार शाम को बिहार की राजनीति में उठापटक और इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी का हाथ थाम लिया। देर रात हुई बीजेपी-जेडीयू की साझा बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। नीतीश कुमार और सुशील मोदी सुबह राजभवन पहुंचे। नीतीश कुमार को राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने बिहार के सीएम पद की शपथ दिलाई। वहीं सुशील मोदी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ज्ञातव्य है कि नीतीश कुमार ने छठी बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली है। ज्ञातव्य है कि 4 साल बाद जेडीयू और बीजेपी फिर साथ हैं।
कल बिहार की राजनीति में ऐसे आया यू टर्न:
बुधवार शाम को नीतीश कुमार ने आरजेडी और कांग्रेस के साथ 20 महीने पुराने महागठबंधन से खुद को अलग करते हुए राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नीतीश को बधाई दी। मोदी ने ट्वीट किया, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जुडऩे के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई। सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं। देश के, विशेष रूप से बिहार के उज्ज्वल भविष्य के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक होकर लडऩा, आज देश और समय की मांग है। नीतीश के इस्तीफे की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी बीजेपी ने उन्हें बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा भी कर दी। ज्ञातव्य है कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में जेडीयू और भाजपा को मिलाकर 129 विधायक हो जाएंगे, जो जरूरी बहुमत 124 से अधिक है।
साभार-khaskhabar.com













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