देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। पीएफ घोटाले में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पर विपक्ष ने चैतरफा हमला बोल दिया है। पूर्व विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे प्रदीप माथुर ने उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को पीएफ घोटाले के लिए जिम्मेदार बताते हुए उनसे स्तीफे की मांग कर डाली। यह पहला मौका है जब विधायक बनने के बाद श्रीकांत शर्मा पर उनके घर में ही जुबानी हमला हुआ है। ज्ञात रहे कि जिस सीट से इस बार श्रीकांत शर्मा विधायक चुन कर पहुंचे हैं उसी सीट सदर सीट से प्रदीप मथुरा भी चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार श्रीकांत शर्मा प्रदीप माथुर को ही हरा कर विधान सभा पहुंचे हैं। यह बयान प्रदीप माथुर ने तब दिया जब राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला के साथ मथुरा में प्रेसवार्ता कर रहे थे। पत्रकारों ने जब राजीव शुक्ला से पीएम घोटाले को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब प्रदीप माथुर देंगे।
उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति के गरमा गई है। सियासी दल एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्वीट के बाद कांग्रेस भी भाजपा सरकार पर हमलावर हो गई है।
पूर्व विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे प्रदीप माथुर ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीएफ घोटाले के लिए मथुरा से विधायक ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा जिम्मेदार हैं। उन्हीं के अनुमोदन से फंड रिलीज हुआ है। कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर यह बयान मंगलवार को दिया।
ऊर्जा मंत्री से इस्तीफा लें मुख्यमंत्रीः माथुर
प्रदीप माथुर ने पीएफ घोटाले के लिए सीधे तौर पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तुरंत ऊर्जा मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के सरकार के बनाने के मुद्दे पर कहा कि हाईकमान जो निर्णय लेगा वही लागू होगा। उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण के लिए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की। कहा कि इससे दुनिया में देश की बदनामी हो रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष दीपक चैधरी, पूर्व चेयरमैन श्यामसुंदर शर्मा, महेश पाठक, वीनेश सनवाल आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस की रणनीति साफ हमला और करेगी तेज
कांग्रेस की रणनीति भी इस दौरान साफ हो गई। प्रदेश स्तर पर जिस मुद्दे ने इस समय राजनीति को गर्मा दिया है। उसी मुद्दे के सहारे कांग्रेस स्थानीय स्तर जहां उर्जा मंत्री के साथ सत्ताधारी दल को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं जमीनी स्तर अपना आधार भी मजबूत करना चाहती है। मंगलवा को जिला कांग्रेस कार्यालय पर पार्टी नेताओं ने कुछ इसी तरह के संकेत दिये।













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