देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। सरकार ने 2017 में उत्तर प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने, किसानों की कर्ज मांफी और किसानों की फसल का उचित मूल्य दिलाने की बात कही थी। चार साल में उत्तर प्रदेश सरकार इन सभी वायदों को पूरा करने में विफल रही है।
पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर तक किसान गन्ने की खेती करते हैं। चार साल में योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में एक रूपये की भी बढोतरी नहीं की है। किसानों को समर्थन मूल्य देने में सरकार की नाकामी के कारण किसानों को अपनी फसल बिचैलियों के हाथों बेचने को मजबूर होना पड रहा है।
कर्जमाफी का वायदा करने वाली सरकार के कार्यकाल में कई किसानो को कर्ज के चलते आत्महत्या करनी पडी है। रोजगार देने के मुद्दे पर भी यह सरकार विफल रही है। चार साल के दौरान जितनी भी रिक्तियां सरकार ने निकाली हैं वह भ्रष्टाचार के कारण तो कभी आरक्षण की प्रक्रिया में जानबूझ कर की गई गलतियों के चलते पूरी नहीं हो सकी हैं या फिर उन्हंे जांच में अटका दिया गया है।
दूसरी ओर सरकारी विभागों में लाखों की संख्या में पद रिक्त हैं। सरकार इन चार साल में खाली पदों को भरने में नाकाम रही है। इसी तरह सरकार ने किसानों को भी धाखा दिया है। भाजपा की योगी सरकार का 2017 में जारी किया गया घोषणा पत्र जुमला पत्र साबित हुआ है। महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति की भी पोल खुल गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दे भाजपा की योगी सरकार के एजेंडे से गायब हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश भारद्वाज, जिला महासचिव सुरेश कुमार सैनी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय गौतम, अतुल भारद्वाज आदि मौजूद रहे।













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