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पंचकूला। पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख राम रहीम को रेप का दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए हैं। पंजाब और हरियाणा में हिंसक झड़पें शुरू हो गई है। हिंसक झड़पों में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है। उपद्रवियों ने 100 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। हरियाणा के पंचकूला सहित कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। बठिंडा और फिरोजपुर में भी कर्फ्यू लगाया गया है। पूरे पंजाब और हरियाणा में हाई अलर्ट कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया। कोर्ट परिसर के बाहर डेरा अनुयायियों ने दो न्यूज चैनलों के ओबी वैन को क्षतिग्रस्त कर दिया। पंजाब के दो रेलवे स्टेशनों में आगजनी की भी खबरें आ रही हैं। इसके अलावा, शिमला हाइवे पर भी कारों को रोककर तोडफ़ोड़ की गई है। डेरा समर्थकों ने पुलिसवालों पर पथराव किया। डेरा समर्थकों को काबू करने और उन्हें खदेडऩे के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। कुछ जगह से हवाई फायरिंग की भी खबरें हैं।
इसके पहले सिरसा से पंचकूला तक के 250 किलोमीटर के सफर के दौरान उनके समर्थकों और अनुयायियों ने पुलिस और प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद उनके काफिले को कई जगह रोकने की कोशिश की। कहीं समर्थक सडक़ पर लेट गए तो कहीं सडक़ किनारे डंडे लेकर खड़े मौजूद नजर आए। ऐसे में पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू होने की बात बेमानी नजर आई। कोर्ट के बाहर भी उनके समर्थक भारी संख्या में मौजूद थे।
हालांकि, पहले कहा जा रहा था कि सुरक्षा के मद्देनजर राम रहीम को हेलिकॉप्टर से पंचकूला ले जाया जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर प्लान बदला और राम रहीम सडक़ के रास्ते रवाना हुए। यह खबर फैलते ही सिरसा से पंचकूला जाने वाले रास्ते पर उनके समर्थक भारी संख्या में जमा होना शुरू हो गए। माना जा रहा है कि सैंकड़ों गाडिय़ों के काफिले के साथ पंचकूला जाने का फैसला दरअसल एक तरीके से राम रहीम का शक्ति प्रदर्शन था।
वक्त पर नहीं पहुंचे थे राम रहीम फैसला तयशुदा वक्त दोपहर 2.30 बजे नहीं सुनाया जा सका क्योंकि बाबा राम रहीम देरी से कोर्ट पहुंचे। दरअसल, बाबा के काफिले से सिर्फ दो गाडिय़ों को कोर्ट तक आने की अनुमति थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा की गाड़ी को तो आने की मंजूरी मिल गई, लेकिन उनके साथ दूसरी गाड़ी के सिक्यॉरिटी क्लियरेंस पर पेच फंस गया। दूसरी गाड़ी में बैठे समर्थक सुरक्षा जांच कराने को तैयार नहीं थे। बाद में डीजीपी ने मौके पर पहुंचकर मामला सुलझाया और राम रहीम अदालत पहुंचे। बता दें कि कोर्ट परिसर से एक किमी के दायरे के बाहर बाबा के हजारों समर्थक जुटे हुए थे। उधर, फैसला सुनाए जाने से पहले पंचकूला और आसपास के इलाकों में बिजली काट दी गई। सूत्रों के मुताबिक, सजा की खबर आने के बाद हिंसा फैलने की आशंका के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।
साभार-khaskhabar.com













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